मर्ज होंगे 500 से ज्यादा सरकारी स्कूल, केंद्र ने दी मंजूरी
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प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले और एक शिक्षक वाले 500 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। केंद्र सरकार ने ऐसे स्कूलों को मर्ज करने की हिमाचल सरकार को मंजूरी दे दी है।
केंद्र ने बंद होने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को छह-छह हजार रुपये मुआवजा देने का फैसला भी लिया है। ऐसे स्कूल बंद होने से जहां सरकार का खर्च घटेगा, वहीं रिक्त पदों में भी कमी आएगी।
बीते दिनों दिल्ली में एनसीईआरटी की बैठक में शिक्षकों की कमी और छात्रों की कमी से जूझ रहे स्कूलों को लेकर चर्चा हुई। फैसला लिया गया कि सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए छात्रों की कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करना जरूरी हो गया है।
वीरभद्र सरकार ने 109 स्कूल किए थे मर्ज
स्कूलों को मर्ज करने से जहां शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं सरकारी स्कूल मजबूत भी हो सकेंगे। हिमाचल में 25 छात्रों की संख्या वाले स्कूलों की संख्या बहुत अधिक है। इन स्कूलों में नाममात्र छात्रों के लिए कई शिक्षकों को तैनात किया गया है जबकि अधिक छात्रों की संख्या वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।
इसके अलावा कम छात्रों की संख्या और एक शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूलों पर सालाना सरकार को बहुत अधिक खर्च भी करना पड़ रहा है। हिमाचल की ओर से शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने इस बैठक में भाग लिया था।
बैठक में हुए फैसलों को शिक्षा सचिव ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से अवगत करवा दिया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 109 सरकारी स्कूलों को मर्ज किया गया था। पांच छात्रों से कम संख्या वाले सरकारी स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया गया था।