फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Monsoon session of the Assembly adjourned after uproar

हंगामे के बीच विधानसभा मानसून सत्र स्थगित

Wed, 13 Aug 2014 11:15 AM IST
Updated Wed, 13 Aug 2014 11:15 AM IST
विज्ञापन
Monsoon session of the Assembly adjourned after uproar

लगातार चार दिन तक हंगामे और गतिरोध के बाद पांचवें दिन हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। विधायकों के शोर शराबे के बीच संसदीय कार्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सत्र को स्थगित करने का प्रस्ताव सदन में रखा।

विज्ञापन


प्रस्ताव को विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद ध्वनिमत से इसे पारित कर दिया गया। सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये के चलते सदन को स्थगित करना पड़ा है। यह सत्र 29 अगस्त तक चलना था।
विज्ञापन


सत्र में कुल 16 बैठकें होनी थीं, लेकिन पांच ही बैठकें हो पाईं। जानकार कहते हैं कि हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में शायद ही कभी इतनी कम बैठकें हुई हों।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम के जवाब देते ही विपक्ष का वॉकआउट

Monsoon session of the Assembly adjourned after uproar

मंगलवार को सुबह सर्व दलीय बैठक के बाद विपक्ष ने नरम रुख अपनाते हुए सदन कार्यवाही में हिस्सा लिया। विपक्ष की मौजूदगी में ही प्रश्नकाल हुआ। इसके बाद सिरमौर में बादल फटने की घटना पर लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का मुख्यमंत्री जवाब देने लगे, तो पूरा विपक्ष ही सदन से बाहर चला गया।

मुख्यमंत्री का जवाब जैसे ही खत्म हुआ विपक्ष के सदस्य फिर वापस आ गए। इसी बीच, संसदीय कार्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि विपक्ष के रवैये को देखते हुए मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाए। इस प्रस्ताव का सीएम समेत पूरे सत्तापक्ष ने खड़े होकर समर्थन किया।

विपक्ष ने किया विरोध

Monsoon session of the Assembly adjourned after uproar

स्पीकर ने कहा कि वे कल इस पर कोई फैसला करेंगे क्योंकि उन्हें यह देखना होगा कि इसके लिए वे अधिकृत हैं या नहीं। ये मामला राज्यपाल के क्षेत्राधिकार का तो नहीं है। लेकिन सत्तापक्ष ने कहा कि आज ही इस पर फैसला हो।

ये स्पीकर का क्षेत्राधिकार है। भोजनावकाश में यह निर्णय कर लिया जाए। दूसरी ओर विपक्ष के नेता प्रेम कुमार धूमल और अन्य भाजपा विधायक इस प्रस्ताव का लगातार विरोध करते रहे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मानसून सत्र निर्धारित अवधि तक चलाया जाए।

अगर सरकार विपक्ष का सामना नहीं कर सकती, तो विधानसभा को ही भंग कर दिया जाए। प्रस्ताव के विरोध में विपक्ष ने काफी हंगामा भी किया।

36 साल पहले भी ऐसा हुआ था

Monsoon session of the Assembly adjourned after uproar

हिमाचल विधानसभा के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब विधानसभा सत्र को बीच में ही स्थगित करना पड़ा। इससे पहले शांता कुमार की सरकार में 1978-79 के दौरान विधानसभा सत्र को बीच में ही स्थगित कर दिया था।

हालांकि, उस दौरान बाद में सत्र को फिर बुला लिया गया था। इस बार मानसून सत्र को पांचवें दिन ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया। यह सत्र 29 अगस्त तक चलना था।

विधानसभा भंग करने की मांग करेगी भाजपा

Monsoon session of the Assembly adjourned after uproar

वहीं, विधानसभा का मानसून सत्र बीच में ही स्थगित कराने के सरकार फैसले पर विपक्ष ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। बुधवार को भाजपा विधायक नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में राज्यपाल उर्मिला सिंह से मिलकर हिमाचल की विधानसभा को भंग करने की मांग करेंगे।

राज्यपाल की ओर से कोई कदम न उठाए जाने पर राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को भी ज्ञापन प्रेषित करने की तैयारी है। विपक्ष का कहना है कि जो सरकार सदन में विपक्ष का सामना नहीं कर सकती, उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने मीडिया से कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सरकार को यह स्वीकार नहीं है। सरकार विपक्ष का सामना करने को तैयार नहीं है। मंत्री सवालों को जवाब नहीं दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed