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खेत में काम कर रही महिला को बंदर ने किया लहुलूहान, आईजीएमसी में भर्ती
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शिमला। राजधानी में बंदर लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। शहर के साथ लगती बल्देयां पंचायत के सधोड़ा गांव में खेत में काम कर रही बुजुर्ग महिला पर बंदरों ने हमला कर दिया। बंदर ने महिला की पीठ को बुरी तरह से नोच डाला। हमले में गंभीर रूप से घायल महिला को अब आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। 63 साल की बुजुर्ग महिला चंदू देवी घर के साथ लगते खेत में काम करने गई थी। इन दिनों इलाके में मक्की की फसल की कटाई चल रही है। खेत में काम करते वक्त अचानक एक बंदर ने बुजुर्ग महिला पर हमला बोल दिया। बंदर ने महिला के पीठ से मांस का एक टुकड़ा नोच लिया। बुरी तरह से घायल महिला को स्थानीय लोगों ने बचाया और आईजीएमसी अस्पताल ले आए। महिला के बेटे बलदेव कुमार का कहना है कि इलाके में एक बंदर कई दिन से आतंक मचा रहा है। यह कई लोगों पर हमला भी कर चुका है। घटना की जानकारी वन विभाग के वनरक्षक को दे दी गई है। फिलहाल महिला का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है।
शहर में रहने वाले बंदर हो गए हमलावर
राजधानी के ग्रामीण इलाकों में बंदरों के हमले पिछले काफी समय से बढ़ने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर से पकड़े गए बंदर बल्देयां के जंगलों में छोड़े जा रहे हैं। शहर में रहने के कारण इनकी आदतें बिगड़ चुकी हैं। ये लोगों से नहीं डरत,े बल्कि उल्टा उन पर हमला कर देते हैं। ग्रामीण लोग इनके व्यवहार से अंजान है। ऐसे में ये न सिर्फ खेतों की फसलें चौपट कर रहे हैं, बल्कि लोगों को भी घायल कर रहे हैं।
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शिमला में जा चुकी है दो लोगों की जान
शिमला शहर में दो महिलाओं की जान बंदरों के हमले में जा चुकी है। इसके अलावा हर हफ्ते बंदरों के काटने के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। वन विभाग इन्हें पकड़ता तो है, लेकिन फिर नसबंदी के बाद वहीं छोड़ देता है। बंदरों की समस्या का फिलहाल कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है।
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घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे की है। 63 साल की बुजुर्ग महिला चंदू देवी घर के साथ लगते खेत में काम करने गई थी। इन दिनों इलाके में मक्की की फसल की कटाई चल रही है। खेत में काम करते वक्त अचानक एक बंदर ने बुजुर्ग महिला पर हमला बोल दिया। बंदर ने महिला के पीठ से मांस का एक टुकड़ा नोच लिया। बुरी तरह से घायल महिला को स्थानीय लोगों ने बचाया और आईजीएमसी अस्पताल ले आए। महिला के बेटे बलदेव कुमार का कहना है कि इलाके में एक बंदर कई दिन से आतंक मचा रहा है। यह कई लोगों पर हमला भी कर चुका है। घटना की जानकारी वन विभाग के वनरक्षक को दे दी गई है। फिलहाल महिला का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है।
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शहर में रहने वाले बंदर हो गए हमलावर
राजधानी के ग्रामीण इलाकों में बंदरों के हमले पिछले काफी समय से बढ़ने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर से पकड़े गए बंदर बल्देयां के जंगलों में छोड़े जा रहे हैं। शहर में रहने के कारण इनकी आदतें बिगड़ चुकी हैं। ये लोगों से नहीं डरत,े बल्कि उल्टा उन पर हमला कर देते हैं। ग्रामीण लोग इनके व्यवहार से अंजान है। ऐसे में ये न सिर्फ खेतों की फसलें चौपट कर रहे हैं, बल्कि लोगों को भी घायल कर रहे हैं।
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शिमला में जा चुकी है दो लोगों की जान
शिमला शहर में दो महिलाओं की जान बंदरों के हमले में जा चुकी है। इसके अलावा हर हफ्ते बंदरों के काटने के दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। वन विभाग इन्हें पकड़ता तो है, लेकिन फिर नसबंदी के बाद वहीं छोड़ देता है। बंदरों की समस्या का फिलहाल कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है।