दिल्ली और शिमला से होगी टीबी रोगियों की मॉनीटरिंग, 99 डॉट्स कार्यक्रम का आगाज
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क्षयरोग यानी टीबी के मरीजों की अब दिल्ली और शिमला से मॉनीटरिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने हिमाचल में 99 डॉट्स कार्यक्रम का आगाज किया है। मरीजों को दवाई की डोज लेने के बाद अपने मोबाइल नंबर से टोल फ्री नंबर पर कॉल करनी होगी।
यह टोल फ्री नंबर कैप्सूल निकालने के बाद दवाई की हर डोज की स्ट्रिप में निकलेगा। कॉल नहीं आने पर माना जाएगा कि मरीज ने दवाई की डोज नहीं ली। लिहाजा, विभाग के कर्मचारी उनके घर तक पहुंच सकते हैं।
टीबी के आंकड़ों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि मरीज समय पर एवं नियमित रूप से दवाई की डोज नहीं लेते, जबकि कई लोग अस्पताल में आकर सार्वजनिक तौर पर दवाई लेने से भी कतराते हैं।
लिहाजा, स्वास्थ्य विभाग ने 99 डाट्स कार्यक्रम शुरू किया है। रोगी को दवाई की डोज लेने के बाद निकलने वाले टोल फ्री नंबर पर फोन करना होगा। टोल फ्री नंबर पर होने वाली यह कॉल सीधा शिमला और दिल्ली में रजिस्टर होगी।
रोगी का मोबाइल नंबर अस्पताल में रजिस्टर किया जाएगा
शुरुआती दौर में इस तरह की दवाई सिर्फ कुछ विशेष कैटेगिरी के लोगों को दी जा रही थी, लेकिन अब सभी मरीजों को यह दवाइयां देनी शुरू की गई हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निसार मोहम्मद ने बताया कि फोन कॉल के बाद तमाम डाटा दिल्ली और शिमला में एकत्रित होगा।
इससे विभाग को पता चलेगा कि किस मरीज ने डोज ली और किसने नहीं। व्यक्तिगत रूप से भी मरीज का समय-समय पर फॉलोअप किया जाता रहेगा।
ये हैं इसके फायदे
99 डॉट्स के तहत मरीज कहीं भी सफर कर सकता है। वह अपने कामकाज के लिए बाहर जा सकता है। इससे पहले टीबी के इलाज के दौरान मरीज को हर डोज लेने के लिए अस्पताल जाना पड़ता था। अब ऐसा नहीं है।
खास यह है कि इस कार्यक्रम के तहत मरीज को फोन कॉल करके और मेसेज भेजकर उनकी सेहत का स्टेटस भी बताया जाएगा। समय-समय पर होने वाले टेस्ट की रिपोर्ट भी ऑनलाइन की जा रही है। मरीज को फोन पर एहतियात बरतने संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।