मनी लाउंड्रिंग: सीएम वीरभद्र को मिली बड़ी राहत
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हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार और धन शोधन (मनी लाउंड्रिंग) के मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ता कॉमन काज को इस मामले से अलग करते हुए सहायता के लिए न्याय मित्र की नियुक्ति कर दी।
अदालत ने उन्हें यह तय करने का निर्देश दिया है कि यह याचिका जनहित में है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के तर्क सुनने के बाद यह निर्देश दिया।
साइ कोटी हाइडल पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है मामला
उन्होंने याची के अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर बदनियती व राजनीतिक कारणों से यह जनहित याचिका दायर करने का आरोप लगाया। अदालत ने कहा कि वे इस मामले से याची को अलग कर वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द निगम को अदालत का न्याय मित्र घोषित करते हैं।
वह दस्तावेज का अध्ययन कर यह बताएं कि याचिका जनहित के रूप में सुनवाई योग्य है या नहीं। यह देखा जाएगा कि किसे निशाने पर लिया गया है किसे नहीं। यह मामला साइ कोटी हाइडल पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है। प्रशांत भूषण की ओर से दायर याचिका में सीएम वीरभद्र पर इस मामले पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।