मोदी सरकार सरकारी कंपनियों की खरीद-फरोख्त में व्यस्त: पाटिल
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने मोदी सरकार पर सरकारी क्षेत्र की पांच कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व के पांच साल विदेशों के भ्रमण में रही सरकार के हाथ फूटी कौड़ी नहीं आई। इस कार्यकाल में अब सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश में सरकार दिन-रात जुट गई है।
प्रेस को जारी बयान में रजनी पाटिल ने कहा कि बीपीसीएल, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कारपोरेशन ऑफ इंडिया, टिहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया और नॉर्थ इस्टर्न इलेक्ट्रिकल पावर कारपोरेशन में अपनी हिस्सेदारी को बेचने के एलान के साथ सरकार ने अपने इरादे बता दिए हैं कि किस तरह देश की नींव को हिलाने में तुली हुई है। उन्होंने कहा कि यह देश की मजबूती के लिए शुभ संकेत नहीं है।
बिजली परियोजनाओं का विरोध करेगी कांग्रेस: सुक्खू
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि पार्टी प्रदेश में लगने वाली नई बिजली परियोजनाओं का विरोध करेगी। चाहे परियोजना एनटीपीसी, एनएचपीसी या फिर एसजेवीएनएल की हो। भाजपा सरकार ने इन कंपनियों के साथ किए एमओयू में हिमाचल के हितों को बेचा है। पुरानी ऊर्जा नीति में बदलाव करने से भारी नुकसान हुआ है।
पुुरानी ऊर्जा नीति अनुसार 40 साल बाद बिजली प्रोजेक्ट सरकार के अधीन आने का प्रावधान था, लेकिन भाजपा सरकार ने अब कंपनियों को लूट की खुली छूट दे दी है। नई ऊर्जा नीति अनुसार अब सरकार को 40 साल बाद सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा ही पावर प्रोजेक्ट का मिलेगा। 12 साल तक 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली देने का प्रावधान भी खत्म कर दिया गया। अब सिर्फ चार फीसदी बिजली ही मुफ्त मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि नए बिजली प्रोजेक्ट लगने से प्रदेश को कोई वित्तीय लाभ नहीं होगा। पुरानी ऊर्जा नीति में बदलाव के लिए किसका दबाव था, ये सार्वजनिक होना भी जरूरी है।