आखिर मोदी सरकार ने मान ली मांग, 25 फीसदी बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, बागवान चहके
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अमेरिका से आयात किए जा रहे सेब पर नकेल डालते हुए मोदी सरकार ने हिमाचल के सेब बागवानों की लंबित मांग को आखिर मान लिया। भारत सरकार ने विश्व व्यापार संगठन से विचार-विमर्श के बाद आयात शुल्क 25 फीसदी बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया है और इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
अब तक यह 50 फीसदी था। अमेरिका से सेब आयात के नए टैरिफ को चार अगस्त से लागू किया जाएगा। आयात शुल्क बढ़ने से हिमाचली सेब के मंडियों में अच्छे दाम मिलेंगे।
प्रदेश के लाखों सेब बागवान इस मांग को पिछले लगभग एक दशक से उठा रहे थे। चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिमाचल आकर सेब बागवानों को राहत देने की बात की थी। मांग पूरी न होते देख सेब बागवान मायूस थे।
यही मांग यूपीए सरकार से भी करते आए थे। अब कांग्रेस भी इस मुद्दे पर भाजपा को कई बार घेरने लगी थी। अमेरिका और भारत के बीच उपजे ताजा राजनीतिक हालात के बाद ऐसी परिस्थिति बनी है कि इसका प्रदेश के सेब बागवानों को लाभ हुआ।
यह हिमाचली बागवानों के लिए बड़ी बात
एल्यूमिनियम और स्टील के भारतीय उत्पादों पर निर्यात शुल्क बढ़ाने के बाद भारत ने इस संबंध में पहले ही अमेरिका को चेता दिया था कि अगर इसे घटाया नहीं गया तो इसकी जवाबी कार्रवाई होगी। अमेरिका ने अनसुनी की तो भारत ने कई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया, जिनमें से सेब एक है।
अमेरिका से भारत के लिए वाशिंगटन सेब आता है जो बाजार में हिमाचली सेब से दोगुने रेट पर बेचा जाता रहा है। अब 75 फीसदी आयात शुल्क के होने पर अमेरिकी सेब की आमद में गिरावट तय है।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार के सेब पर आयात शुल्क को 50 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने के इस फैसले का स्वागत किया है।
महेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रदेश के बागवानों के लिए बहुत बड़ी बात है। मंडियों में इससे बागवानों को अच्छे दाम मिलेंगे। इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का आभार व्यक्त करते हैं।