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हिमाचल के लिए मुसीबत बना मोदी का ये ऐलान

Mon, 18 Aug 2014 05:15 PM IST
Updated Mon, 18 Aug 2014 05:15 PM IST
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modi decision to disolve planning commission can hurt himachal economy

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऐलान में हिमाचल का एनुअल प्लान फंस गया है। मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में 64 साल पुराने योजना आयोग (प्लानिंग कमीशन) को निरस्त करने की बात कही है।

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इस पर काम भी शुरू हो गया है। इसी आयोग को हिमाचल सरकार ने इस साल 4400 करोड़ की वार्षिक योजना मंजूरी के लिए भेजी हुई है। इसका भविष्य अब किसी को पता नहीं। केंद्र सरकार से जवाब का इंतजार है।
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मसला भी सिर्फ एक साल के एनुअल प्लान का नहीं है। बड़ी चिंता इस बात की है कि यदि योजना आयोग निरस्त हो गया, तो हिमाचल को हर साल करीब 2500 करोड़ रुपये की चपत लगने का खतरा है।

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आयोग से मिलती है विशेष्‍ा मदद

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राज्यों को विशेष केंद्रीय सहायता केवल योजना आयोग से मिलती है। आयोग के उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली बैठक में इस राशि पर नेगोशिएशन होती थी। अब ये फोरम राज्यों के पास नहीं रहेगा।

पिछले साल 2013-14 में हिमाचल को 4100 करोड़ के कुल योजना आकार में 1350 करोड़ विशेष केंद्रीय मदद (एससीए) और 1200 करोड़ सामान्य केंद्रीय सहायता के रूप में मिले थे।

इतनी ही धनराशि की मांग इस साल के एनुअल प्लान में की गई है। यदि प्लानिंग कमीशन नहीं रहा तो ये पैसा नहीं मिलेगा, क्योंकि वित्त मंत्रालय का वित्त आयोग केवल राजकोषीय घाटा अनुदान ही डील करता है।

ये है चिंता की बड़ी वजह

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हिमाचल मुश्किल वित्तीय स्थिति में है। इस साल 23613 करोड़ के कुल बजट में 17000 करोड़ वेतन, पेंशन और लोन चुकाने पर खर्च हो रहे हैं।

30 हजार करोड़ का कर्ज सिर पर है। ऐसे में हिमाचल योजना आयोग की पंचवर्षीय योजना और एनुअल प्लान से अतिरिक्त केंद्रीय वित्तीय सहायता जुटाता था। इस धन से सड़कें, पुल और सरकारी भवनों इत्यादि इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाता है।

पूर्व योजना सलाहकार डा. एसके शाद भी कहते हैं कि योजना आयोग को खत्म करने से विशेष केंद्रीय मदद नहीं मिलेगी। ये हिमाचल जैसे राज्यों के लिए बड़ा झटका होगा।

'सरकार कर रही प्रयास'

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प्रधान सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी का कहना है कि एनुअल प्लान मंजूर करवाने के लिए हम योजना आयोग के संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री के नए ऐलान के बाद अभी केंद्र सरकार से नए निर्देश नहीं मिले हैं कि आगे कैसे काम होगा?

यदि योजना आयोग को निरस्त किया गया, तो इससे हिमाचल को नुकसान होगा।

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