Modi 3.0 Ministers: मंत्री बनने पर अध्यक्ष पद से हटेंगे नड्डा, नए चेहरे को पार्टी की मिलेगी कमान, चर्चाएं तेज
राजनीतिक गलियारों में ऐसी चल रही है कि जेपी नड्डा को मंत्री बनाया जा सकता है। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है और किसी भी अध्यक्ष को लगातार दो कार्यकाल ही मिल सकते हैं। नड्डा का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका है।
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नरेंद्र मोदी रविवार शाम को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ मंत्रिमंडल के सदस्य भी शपथ ले सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा तेज है कि जगत प्रकाश नड्डा को मंत्री बनाया जा सकता है। जेपी नड्डा 2012 में राज्यसभा के सदस्य बने थे। 2014 में जब अमित शाह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला तो नड्डा को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया था। 2019 में अमित शाह गृहमंत्री बने तो नड्डा को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। 2020 में उन्हें फुलटाइम अध्यक्ष चुना गया।
जेपी नड्डा का कार्यकाल हो चुका है पूरा
वैसे, भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है और किसी भी अध्यक्ष को लगातार दो कार्यकाल ही मिल सकते हैं। नड्डा का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका है। लोकसभा चुनावों को देखते हुए जून 2024 तक उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। इसका मतलब है कि जून के अंत से पहले ही भाजपा के नए अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा। इससे पहले अमित शाह ने अध्यक्ष पद पर लगातार दो कार्यकाल पूरे किए थे। उनसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह भी दो बार पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं।
मूल रूप से बिलासपुर जिले के रहने वाले जगत प्रकाश नड्डा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 2 दिसंबर 1960 को हुआ। नड्डा के पिता पटना विश्वविद्यालय में प्राध्यापक और रांची विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। जगत प्रकाश नड्डा की प्रारंभिक पढ़ाई पटना के सेंट जेवियर्स स्कूल से हुई। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बीए में स्नातक की। इसके बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से एलएलबी की पढ़ाई की। युवावस्था में जय प्रकाश नारायण की ओर से चलाए गए विभिन्न आंदोलनों में सक्रियता से भाग लिया। 1975 में जगत प्रकाश नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1983 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह एबीवीपी की ओर से विद्यार्थी परिषद के पहले अध्यक्ष चुने गए। साल 1989 में एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री चुने गए। साल 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए। इसी साल उनकी शादी डॉ. मल्लिका नड्डा के साथ हुई।
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मंडी संसदीय सीट से चुनाव लड़ाकर सभी को चौंकाया था। अब मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में कंगना रणौत को शामिल कर भाजपा महिला सशक्तिकरण को लेकर भी संदेश दे सकती है। चर्चा है कि पार्टी का राष्ट्रीय चेहरा बन चुकी कंगना भी मंत्रीपद की दौड़ में शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रखने के लिए कंगना को केंद्र सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा देकर कोई छोटा मंत्रालय दिया जा सकता है, जहां रहकर वो सरकार के कामकाज को सीख सकें।