हमीरपुर: दियोटसिद्ध मंदिर में अपनाएंगे काशी विश्वनाथ, वैष्णो देवी का मॉडल, बनाई जाएगी नई एसओपी
मंदिर में काशी विश्वनाथ और मां वैष्णो देवी ट्रस्ट की तर्ज पर पारदर्शी सिस्टम लागू करने की तैयारी है।
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में अब व्यवस्था के नए कायदे तय होंगे। मंदिर में काशी विश्वनाथ और मां वैष्णो देवी ट्रस्ट की तर्ज पर पारदर्शी सिस्टम लागू करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने मंदिर में चढ़ावे की गणना, सामग्री की बिक्री और आय-व्यय प्रबंधन को नया रूप देने के लिए संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जा रही है। यह कदम 29 सितंबर को हुई चढ़ावे की गणना में सामने आई गड़बड़ी के बाद उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने माना है कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ कोई समझौता न हो। ट्रस्ट में चढ़ावे की गणना में पारदर्शिता के लिए नया डिजिटल सिस्टम लागू होगा। इससे अब बाबा के दरबार में चढ़ावे की गणना पूरी तरह पारदर्शी होगी। हर गणना की प्रिंटेड स्लिप निकलेगी, जिसमें नोटों की संख्या और कुल राशि का ब्योरा अंकित होगा। मैन्युअल रूप से गिनती की पुष्टि की जाएगी। हर बंडल पर प्लास्टिक सील बैंड लगाया जाएगा, जिसमें रकम और नोटों की गिनती दर्ज होगी। इस नई प्रक्रिया से गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग शून्य करने का प्रयास होगा।
राशन, घी और बकरे की बिक्री में भी नया सिस्टम
बाबा बालक नाथ को श्रद्धालु रुपये के अलावा घी, आटा, बकरा और अन्य सामग्री भी चढ़ाते हैं। इन सामग्रियों की ट्रस्ट की ओर में अबतक से बिक्री कई और बार नीलामी अनियमितताओं की प्रक्रिया के आरोप लग चुके हैं। नई एसओपी में इन कार्यों को पूरी तरह ट्रैक और रिकॉर्ड आधारित बनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक लेन-देन का स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध हो सके।
डीसी व एडीसी करेंगे निरीक्षण
जिला प्रशासन काशी विश्वनाथ और वैष्णो देवी मंदिर ट्रस्ट की प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर रहा है। वहां के सफल मॉडल को दियोटसिद्ध में लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के कमिश्नर एवं हमीरपुर के डीसी अमरजीत सिंह और एडीसी अभिषेक गर्ग दीवाली के बाद दियोटसिद्ध पहुंचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद नई एसओपी को अंतिम रूप दिया जाएगा।
काशी विश्वनाथ और मां वैष्णो देवी मंदिरों की प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया जा रहा है। चढ़ावे की गणना को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई योजना तैयार है। दिवाली के बाद मंदिर परिसर का दौरा कर आवश्यक बदलाव लागू किए जाएंगे। -अभिषेक गर्ग, एडीसी हमीरपुर