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हिमाचल में मनरेगा के 18 फीसदी काम अधूरे, केंद्र तल्ख
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 26 Mar 2016 06:01 PM IST
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केंद्र ने हिमाचल को टारगेट बढ़ाने और कृषि कार्यों पर फोकस करने को कहा है।
- फोटो : डेमो पिक
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प्रदेश में मनरेगा के काम समय पर पूरा न करने पर केंद्र ने तल्खी दिखाई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हाल ही में हिमाचल के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रदेश में मनरेगा कार्यों का जायजा लिया तो पाया कि मनरेगा योजना शुरू होने से लेकर 31 मार्च 2015 तक 82 फीसदी कार्यों को पूरा किया जा सका है।
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इनमें 18 फीसदी काम अधूरे हैं। केंद्र ने इन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। खासकर मनरेगा से जुडे़ कृषि कार्यों पर फोकस करने को कहा गया है। हिमाचल में मनरेगा के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार पैसा देती है। गांव में रास्ते, सड़कों, वर्षा शालिकाओं, पानी के टैंकों का निर्माण और अन्य विकास कार्य मनरेगा के तहत होते हैं।
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केंद्र ने तर्क दिया है कि जब से हिमाचल में मनरेगा योजना शुरू हुई है, तब से दर्जनों कार्य लटके हैं। केंद्र ने प्रदेश सरकार को मनरेगा कार्यों में ढील न बरतने की सलाह दी है। अभी पंचायतों में रास्तों और सड़कों का काम होता है, लेकिन केंद्र ने किसानों के लिए भी इसमें जोड़ने की बात कही है।
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