फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   MLA Ramesh Dhawala Question Hour Himachal Pradesh Vidhan Sabha Budget Session 2021 Fourth Day Live Updates

बजट सत्र प्रश्नकाल: हंसी-ठिठोली के बीच अपनी ही सरकार के मंत्री को घेरते रहे धवाला

Wed, 03 Mar 2021 05:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 03 Mar 2021 05:07 PM IST
विज्ञापन
MLA Ramesh Dhawala Question Hour Himachal Pradesh Vidhan Sabha Budget Session 2021 Fourth Day Live Updates
ज्वालामुखी के भाजपा विधायक रमेश धवाला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

ज्वालामुखी से भाजपा विधायक रमेश धवाला ने स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मंत्री डॉ. राजीव सैजल के से उत्तर पर असंतोष जताया और कहा कि विस्तार से जवाब दिया, पर मंत्री उनकी एक बात टाल गए। धवाला ने कहा कि हमारे मंत्री आयुर्वेद के डॉक्टर हैं। हम चाहेंगे कि ठीक से मार्गदर्शन करें। धवाला हंसी-ठिठोली के बीच अपनी ही सरकार को घेरते रहे। उन्होंने पूछा कि आयुर्वेद विभाग में क्या गतिविधियां चल रही हैं।

विज्ञापन


आयुर्वेद की फार्मेसियों में किन-किन दवाओं का उत्पादन हो रहा है। जवाब में मंत्री बोले - सबसे बड़ा प्रश्न मार्केटिंग का है। अगर मार्केटिंग ठीक करेंगे तो किसान प्रोत्साहित होगा। किसानों को वन औषधियों के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती है। हिमाचल के पास ऐसी औषधियां उगाने की संभावना है। धवाला बोले - फार्मेसी में लोगों को रोजगार मिलता है। प्रदेश में ट्रकों के हिसाब से गिलोय होती है, पर कोई खरीदता नहीं है। किसान तुलसी उगा रहे हैं।
विज्ञापन


फार्मेसियां बंद हैं, इन्हें चलाया जाए। ये लोगों को रोजगार दे सकती हैं। उत्तराखंड में बाबा के बारे में लोग जो भी बोलें, पर वहां रोजगार मिल रहा है। किसान जड़ी-बूटियां उगा रहे हैं, उनके लिए मार्केटिंग की व्यवस्था क्या है। मंत्री बोले, फार्मेसी उसी को खरीदती है, जिसकी जरूरत होती है। कुछ चीजें जैसे अतीस, अश्वगंधा आदि हाथों हाथ बिकती हैं। ऐसे में किसान ऐसी ही औषधियां उगाएं, जिसकी आवश्यकता बहुत ज्यादा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जड़ी-बूटी सेल बनाया, 100 करोड़ खर्च कर रहे : पठानिया
आयुर्वेद मंत्री डॉ. राजीव सैजल के जवाब के बाद वन मंत्री राकेश पठानिया भी उत्तर देने लगे। पठानिया ने कहा कि जायका के तहत भी जड़ी-बूटी सेल बनाया गया है। 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। जितनी भी पुरानी जड़ी-बूदियां हैं, उनके बारे में काम हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed