विधायकों और पूर्व विधायकों ने कब्जा लिए पड़ोसियों के प्लॉट
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हिमाचल के कुछ विधायकों और पूर्व विधायकों ने अपने पड़ोसियों के प्लॉट ही कब्जा लिए हैं। ये पड़ोसी भी सामान्य जन नहीं बल्कि विधायक एवं पूर्व विधायक ही हैं। मामले सामने आने के बाद विधायकों और पूर्व विधायकों की हिम लेजिस्लेचर्स हाउसिंग सोसाइटी अब कब्जा धारकों को नोटिस भेजने की तैयारी में है।
यह मामले शिमला के हीरानगर और मैहली में सामने आए हैं। हीरानगर और मैहली में एक-डेढ़ दशक पहले विधायकों और पूर्व विधायकों को जमीन अलॉट की गई। लीज पर करीब 20 बीघा जमीन विधायकों और पूर्व विधायकों को दी गई। हीरानगर में करीब ढाई दर्जन और मैहली में डेढ़ दर्जन प्लॉट बनाए गए। इनमें से हीरानगर में दस और मैहली में आठ मकान बनाए गए हैं।
शिकायतों के बाद राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट में हुआ खुलासा
कुछ विधायकों- पूर्व विधायकों ने निर्धारित चार बिस्वा से अधिक भूमि पर मकान बना लिए हैं। तीन पूर्व विधायकों के तो प्लॉट ही घट गए हैं। कइयों की जमीन पर अतिक्रमण करके कुछ ने अपनी मर्जी से हदबंदी कर ली है। हिम लेजिस्लेचर्स हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को-ऑपरेटिव सोसाइटी शिमला के पास रिपोर्ट आई तो राजस्व अधिकारियों से जमीन की पैमाइश करवाई गई। इसमें अतिक्रमण का खुलासा हुआ है। अब अतिक्रमण करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
शिकायतें आई थीं कि कुछ विधायकों और पूर्व विधायकों ने हीरानगर और मैहली में लीज पर दिए गए प्लॉटों से बाहर जाकर दूसरे की जमीनों पर अपने भवन बना लिए हैं। ये शिकायतें कुछ विधायकों और पूर्व विधायकों से ही आई हैं। सोसाइटी अतिक्रमण करने वालों को नोटिस भेज रही है। ये फैसला हाल ही में सोसाइटी की बैठक में हुआ है। -भगतराम चौहान (पूर्व विधायक), महासचिव, हिम लेजिस्लेचर्स हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को-ऑपरेटिव सोसाइटी शिमला