नेता की सिफारिश पर हुआ तबादला रद्द, 5वीं बार की थी कोशिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने विधायक बंबर ठाकुर की सिफारिश पर किए गए शिक्षक के तबादले को रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य डीके शर्मा और प्रशासनिक सदस्य प्रेम कुमार की खंडपीठ ने प्रार्थी अमृत महाजन द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए तबादला आदेशों को रद्द कर दिया।
मामले के अनुसार प्रार्थी उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा बिलासपुर के कार्यालय में साइंस सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। बिलासपुर के विधायक बंबर ठाकुर ने इस शिक्षक का तबादला करने के लिए मार्च 2015 से आज तक पांच सिफारिशें कीं।
विधायक द्वारा सिफारिश की गई कि प्रार्थी का तबादला जिला बिलासपुर से बाहर किया जाए जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। जब विधायक प्रार्थी को तबदील करने में असमर्थ रहे तो प्रार्थी की पत्नी जोकि शिक्षक हैं, उन्हें चंबा स्थानांतरित करने के लिए सिफारिश की।
पहले हाईकोर्ट अब ट्रिब्यूनल ने रद्द किया ट्रांसफर
इस सिफारिश पर प्रार्थी की पत्नी के तबादला आदेशों को भी प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। इस बार भी विधायक ने प्रार्थी को बिलासपुर जिला से बाहर शिमला के पूडग के लिए स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी।
शिक्षा विभाग ने भी सिफारिश पर अमल करते हुए प्रार्थी का तबादला पूडग के लिए कर दिया। इन तबादला आदेशों को प्रार्थी ने प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद प्रार्थी के तबादला आदेशों को रद्द कर दिया।