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हिमाचल: मंत्री फिर भूले भाजपा प्रदेश कार्यालय दीपकमल की राह, जानें पूरा मामला
Tue, 03 May 2022 10:35 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 03 May 2022 10:35 AM IST
सार
केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान लेने के बाद प्रदेश कार्यालय में मंत्री बैठने शुरू हो गए थे। हाल ही में चार मंत्री कार्यालय में कार्यकर्ताओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए बारी-बारी से बैठे, लेकिन अब इन्होंने यहां आकर सुध लेना फिर छोड़ दिया है।
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प्रदेश कार्यालय दीपकमल शिमला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयराम सरकार के मंत्री फिर भाजपा के प्रदेश कार्यालय दीपकमल शिमला की राह भूल गए हैं। राज्य कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बातों की सुनवाई के लिए मंत्री नहीं बैठ रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान लेने के बाद प्रदेश कार्यालय में मंत्री बैठने शुरू हो गए थे। हाल ही में चार मंत्री कार्यालय में कार्यकर्ताओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए बारी-बारी से बैठे, लेकिन अब इन्होंने यहां आकर सुध लेना फिर छोड़ दिया है।
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भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह एक बैठक में मंत्रियों को निर्देश दे चुके हैं कि वे प्रदेश कार्यालय में बैठें और यहां पर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई करें। इसके लिए प्रदेश भाजपा की ओर से मंत्रियों का एक शेड्यूल भी जारी किया गया था कि वे कब-कब कार्यालय मेें बैठेंगे। इसे मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजा गया था। केंद्रीय नेतृत्व के कड़ा संज्ञान लेने के बाद शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी आदि मंत्री यहां बैठने शुरू हो गए थे, मगर अब स्थिति जस की तस है।
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नड्डा की चेतावनी के बाद अपने हलकों में ही डटे ज्यादातर मंत्री
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में चेतावनी दी है कि टिकट किसी का भी पक्का नहीं है। उन्होंने कहा था कि 10 से 15 फ ीसदी टिकट तो उत्तराखंड और यूपी में भी कट गए। उन्होंने हिमाचल में भी टिकट काटे जाने के संकेत दिए हैं। इससे मंत्रियों की बेचैनी बढ़ गई है। इससे भी वे अपने क्षेत्र में डट गए हैं। कुछ मंत्री तो हफ्तों से राज्य सचिवालय में भी नहीं बैठ रहे हैं।
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