हजारों पशुपालकों को झटका, बढ़ाने के बजाय घटा दिए दूध के दाम
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हिमाचल के हजारों दुग्ध उत्पादकों को मिल्कफेड ने बड़ा झटका दिया है। सरकारी उपक्रम ने भैंस के दूध के दामों में 4.81 रुपये प्रति लीटर कटौती कर दी है। सूबे के पशुपालकों से मिल्कफेड अब 34.33 के बजाय 29.52 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध की खरीद करेगा।
राज्य मिल्क फेडरेशन ने पंजाब के पैटर्न का हवाला देते हुए 5.6 फैट और 8.0 एसएनएस वाले दूध की कीमत कम कर दी है। दूध संग्रह केंद्रों में नए रेट चार्ट की अधिसूचना सोमवार से लागू कर दी है।
हालांकि, मिल्कफेड बाजार में उपभोक्ताओं को पहले से ही तय 40 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध बेचेगा। दाम बढ़ाने की मांग कर रहे दुग्ध उत्पादकों को राहत देने के बजाय झटका दे दिया है। मिल्क फेडरेशन के फरमानों से दुग्ध उत्पादकों में सरकार के प्रति खासा रोष है।
सरकार से उठाएंगे मांग : चेयरमैन
पधर क्षेत्र की डलाह पंचायत के प्रधान केहर सिंह, कुन्नु के प्रधान प्रेम सिंह, उपप्रधान हरदेव ठाकुर, कुफरी के प्रधान ओम प्रकाश, भड़वाहन के प्रधान जितेंद्र कमांडो, बड़ीधार के प्रधान सोहन सिंह, पाली के उपप्रधान पवन कुमार, सियून के प्रधान पदम सिंह, शिलग के प्रधान राजेंद्र कुमार समेत दुग्ध उत्पादक वीरेंद्र चौहान, इंद्र सिंह ठाकुर, दीपक चौहान और छज्जू राम ने इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि रोजाना 10 लीटर दूध बेचने वालों को 50 रुपये का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम सरकार से किसान हित में निर्णय वापस लेने की मांग की है। इंटक जिलाध्यक्ष गिरधारी लाल भंगालिया ने दूध के खरीद मूल्य में कटौती पर कड़ा विरोध जताया है। राज्य मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन निहाल चंद शर्मा ने कहा कि फेडरेशन पंजाब की तर्ज पर दूध की कीमत उत्पादकों को देता आ रहा है। भैंस के दूध के मूल्य में कटौती पंजाब पैटर्न पर की गई है। दुग्ध उत्पादकों की मांग वह सरकार से उठाएंगे।