Shimla News: द्विपक्षीय मुद्दों को लेकर सीएम सुखविंद्र सुक्खू और भगवंत मान के बीच अमृतसर में हुई बैठक
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सुबह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ द्विपक्षीय मुद्दों को लेकर अमृतसर में बैठक की। इस दौरान दोनों के बीच विकासात्मक कार्यों को लेकर चर्चा हुई। दोनों राज्यों के उच्च अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
जलियांवाला बाग के जख्म आज भी नहीं भरे : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अमृतसर में भारत-पाकिस्तान बंटवारे की दुखद स्मृतियों के प्रतीक विभाजन संग्रहालय का अवलोकन किया। इस अवसर पर सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन से प्रभावित लोगों के दुख और तकलीफ को शब्दों के माध्यम से व्यक्त करना अत्यंत कठिन है। ऐसी विनाशकारी स्मृतियों से उभरने के लिए राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में देश की स्वतंत्रता के लिए प्राणों की आहुति देने वाले असंख्य सेनानियों को प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। सुक्खू ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की नृशंस कार्रवाई के जख्म आज भी नहीं भरे हैं। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा इस अवसर पर मौजूद रहे।
सुक्खू ने स्वर्ण मंदिर में शीश नवाया, दुर्गियाना मंदिर में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वर्ण मंदिर में शीश नवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण मंदिर आस्था और समर्पण का प्रतीक है और यहां मनुष्य को कर्म की प्रधानता और भारतीय संस्कृति की विशालता का बोध होता है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने मुख्यमंत्री का हरमंदिर साहिब में स्वागत किया और उन्हें स्वर्ण मंदिर के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अमृतसर के सुप्रसिद्ध एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक दुर्गियाना मंदिर में पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने वाघा बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का अवलोकन किया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को पंजाब के अमृतसर में ऐतिहासिक वाघा बॉर्डर पर भव्य बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का अवलोकन किया। वाघा बॉर्डर पर हर दिन भारतीय सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान के सुरक्षा बल द्वारा बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने देश के कोन-कोने से आए लोगों के साथ इस सेरेमनी का आनंद उठाया। उन्होंने बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में हिस्सा लेने वाले जवानों को मिठाइयां बांटीं और उनके शौर्य और समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री अटारी-वाघा बॉर्डर में जीरो प्वाइंट पर भी गए।
सुक्खू ने कहा कि भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों ने आवश्यकता पड़ने पर हर बार अपने प्राणों की आहुति देकर देश की अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखा है। उन्होंने कहा कि अपने सैनिकों पर सभी को गर्व है। इस अवसर पर आईजी जालंधर रेंज बीएसएफ व हिमाचल काडर के आईपीएस अधिकारी डॉ. अतुल फुलझेले ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भेंट किया। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में देश विदेश के नागरिक उपस्थित रहे।