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एमडी और एमएस के लिए हुई काउंसलिंग में एनओसी पर बवाल
Sat, 06 Apr 2019 01:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:09 PM IST
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आईजीएमसी
- फोटो : फाइल फोटो
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आईजीएमसी में पीजी की एमडी/एमएस काउंसलिंग में बवाल हो गया। एनओसी को लेकर यह विवाद हुआ। इससे डॉक्टरों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। आईजीएमसी में पीजी की काउंसलिंग करवाई गई।
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काउंसलिंग में डॉक्टरों को डीएचएस विभाग की ओर से एनओसी भेजी जानी थी, लेकिन कई डॉक्टरों की एनओसी मिली ही नहीं। ऐसे ही एक डॉक्टर की काउंसलिंग का नंबर आया तो उसे बाहर कर दिया।
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अभिभावकों ने आरोप लगाया कि समय पर फॉर्म भरा गया था। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से यह हुआ है। जबकि इस बारे में कमेटी से बात की तो वहां बैठे अधिकारियों ने बताया कि सीएमओ की ओर से समय पर फॉर्म नहीं भेजा गया।
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डीएचएस की लापरवाही के चलते यह सब हुआ है। इसी तरह एक डॉक्टर का डीएचएस की ओर से एनओसी रद्द कर दिया गया। जबकि सरकार की ओर से कुछ दिनों बाद एनओसी भेजा गया लेकिन कमेटी ने उसका फॉर्म रद्द कर दिया।
195 सीटों को लेकर आईजीएमसी में हुई काउंसलिंग
आईजीएमसी में 195 सीटों को लेकर काउंसलिंग हुई। इसमें आईजीएमसी की 63, टांडा 40 और एमएमयू की 92 सीटें थी। देर रात तक चली काउंसलिंग में सैकड़ों की तादाद में डॉक्टर काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. रवि चंद शर्मा ने बताया कि एनओसी को लेकर कुछ समस्या आई, लेकिन यह सभी मामले डीएचएस से संबंधित हैं।