बिना इजाजत तय कर लिए गोल्फ कार्ट के रूट
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राजधानी में नगर निगम मर्जी से गोल्फ कार्ट नहीं चला सकता। ओटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट की मान्यता के बाद ही परिवहन विभाग गोल्फ कार्ट का मॉडल अप्रूव करेगा। मॉडल अप्रूव होने के बाद ही नगर निगम को शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर गोल्फ कार्ट चलाने की अनुमति मिलेगी।
शहर की सड़कों पर गोल्फ कार्ट चलाने की नगर निगम की योजना दूर की कौड़ी साबित हो सकती है। नगर निगम ने शहर में गोल्फ कार्ट के रूट तो फाइनल कर दिए हैं लेकिन अभी तक परिवहन विभाग की ओर से इसका मॉडल अप्रूव नहीं किया गया। हिमाचल प्रदेश में परिवहन विभाग ने अभी तक बैटरी आधारित किसी भी वाहन का मॉडल अप्रूव नहीं किया है।
यह पहली बार है कि नगर निगम शिमला शहर में बैटरी आधारित वाहन चलाने जा रहा है। परिवहन विभाग की मंजूरी से पहले नगर निगम को शिमला में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों ओटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट की मान्यता लेनी होगी। नगर निगम की ओर से अभी तक मान्यता लेने को लेकर कोई कोशिश नहीं की गई है।
अप्रूव होने के बाद ही चल सकेगी गोल्फ कार्ट
सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल के रूल नंबर 126 के तहत बैटरी आधारित वाहन में लगी बैटरी की पावर 0.25 से कम नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं, वाहन की स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
केंद्रीय एजेंसियों की मान्यता के बाद ही होगा मॉडल अप्रूव: संजय
केंद्रीय एजेंसी एआरएटी और सीआईआरटी की अप्रूवल के बाद ही परिवहन विभाग बैटरी आधारित वाहन का मॉडल अप्रूव करेगा। अभी तक प्रदेश में ऐसा कोई मॉडल अप्रूव नहीं है।
- संजय शर्मा एडिशन कमीशन ट्रांसपोर्ट, सेक्रेटरी एसटीए
अप्रूव मॉडल वाली कंपनी ही कर सकती है आवेदन: अमरजीत
गोल्फ कार्ट के लिए जो टेंडर कॉल किए गए हैं उसमें शर्त रखी गई है कि जो भी कंपनी आवेदन करे उसका मॉडल पहले से अप्रूव हो। परिवहन विभाग के अधिकारियों से भी इसे लेकर बातचीत की गई है।
- अमरजीत सिंह आयुक्त, नगर निगम शिमला