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नगर निगम ने काटी जेब, शहरवासियों से ऐंठ लिए 22.50 लाख

Wed, 18 May 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 18 May 2016 12:01 AM IST
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MC shimla overcharged surcharge from peoples.
नगर निगम शिमला शहर के लोगों से लूट खसोट पर उतर आया है। शहरवासियों से 22.50 लाख ऐंठ लिए हैं।

नगर निगम शिमला शहर के लोगों से लूट खसोट पर उतर आया है। पिछले साल अक्तूबर माह में नगर निगम ने पानी के बिल जारी किए बिना ही शहर के 30 हजार उपभोक्ताओं से सरचार्ज के  रूप में 75 रुपये वसूले लिए थे।

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‘अमर उजाला’ ने जब इस गोरखधंधे का खुलासा किया तो निगम प्रशासन ने अगली बार जारी होने वाले बिल में 75 रुपये ऐडजस्ट करने का ऐलान किया। नगर निगम ने अब सरचार्ज के रूप में अवैध रूप से वसूले गए 75 रुपये ऐडजस्ट किए बिना ही नए बिल जारी कर दिए हैं।
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बीते साल नगर निगम ने अप्रैल और मई माह के पानी के बिल जारी किए बिना ही उपभोक्ताओं पर सरचार्ज थोप दिया था। यह एरियर अप्रैल और मई के पानी के बिल के रूप में जोड़ा गया था। नगर निगम ने शहर के करीब 30 हजार उपभोक्ताओं पर बतौर सरचार्ज लगभग साढ़े 22 लाख रुपये का बोझ थोप दिया था।
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निर्धारित समय पर पानी का बिल जमा न करने की स्थिति में नगर निगम उपभोक्ताओं पर सरचार्ज लगाता है लेकिन बीते साल नगर निगम ने अप्रैल और मई माह का बिल जारी किए बना ही अक्तूबर में जारी बिलों पर सरचार्ज जोड़ दिया था।

नए सॉफ्टवेयर से एडजस्ट होगा पुराना सरचार्ज

MC shimla overcharged surcharge from peoples.
नगर निगम सालों से पानी के मंथली बिल जारी करने के दावे तो करता आया है लेकिन हकीकत में स्थिति जस की तस है।

नगर निगम जिस सॉफ्टवेयर से पानी के बिल जारी करता है, उसका मेंटेनेंस कांट्रेक्ट खत्म हो गया है। पुराने सॉफ्टवेयर से बिलों में सरचार्ज ऐडजस्ट करना संभव नहीं है। नया सॉफ्टवेयर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है, तीन महीने में सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद पुराना एरियर ऐडजस्ट कर दिया जाएगा।-- प्रशांत सरकैक, सहायक आयुक्त, नगर निगम

हर महीने पानी के बिल देने के दावे भी हवा
नगर निगम सालों से पानी के मंथली बिल जारी करने के दावे तो करता आया है लेकिन हकीकत में स्थिति जस की तस है। लोगों को एक साथ कई महीनों के बिल जारी कर दिए जाते हैं जिसके कारण लोगों को बिलों की अदायगी में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर निगम ने बीते साल अक्तूबर माह में पानी के मंथली बिल जारी करने का ऐलान किया था लेकिन 7 महीने बाद भी स्थिति जस की तस है।

नगर निगम में ऐसे होती है पब्लिक की सुनवाई

MC shimla overcharged surcharge from peoples.
मेयर ने एमई को तलब किया तो एमई ने बताया कि मामला पैसे के लेनदेन से जुड़ा है इसलिए फाइनेंस की अप्रूवल लेनी पड़ेगी। - फोटो : अमर उजाला

संयुक्त आवासीय जनकल्याण समिति शिमला के अध्यक्ष अरविंद बातिश सोमवार को सरचार्ज के रूप में वसूले गए पैसे को नए बिलों में ऐडजस्ट न करने के मामले को लेकर निगम प्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलने पहुंचे।

मेयर, डिप्टी मेयर सहित निगम अधिकारियों के कमरों के चक्कर काटने के बावजूद कहीं सुनवाई नहीं हुई। अरविंद बातिश ने अपनी आप बीती ‘अमर उजाला’ से साझा की। डिप्टी मेयर ने बताया कि सॉफ्टवेयर में खराबी के कारण दिक्कत पेश आ रही है।

मेयर ने एमई को तलब किया तो एमई ने बताया कि मामला पैसे के लेनदेन से जुड़ा है इसलिए फाइनेंस की अप्रूवल लेनी पड़ेगी। सहायक आयुक्त से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने पीए से मामला डिस्कस करने को कह दिया। कमिश्नर से बात करने की कोशिश की तो कमिश्नर साहब मीटिंग में व्यस्त होने के कारण मिल नही पाए।

यहां समझें, कैसे हुआ था पब्लिक के साथ खेल

MC shimla overcharged surcharge from peoples.
यहां समझें, कैसे हुआ था पब्लिक के साथ खेल

अप्रैल और मई का औसत बिल - 500
सीवरेज सेस                            - 250
कुल                                      - 750
एमसी ने वसूला एरियर             - 825
अवैध वसूली                          - 75 रुपये प्रति बिल

सात महीने बाद भी अपडेट नहीं हुआ एमसी का सॉफ्टवेयर
नगर निगम की रफ्तार ऐसी है कि कछुआ भी दौड़ में आगे निकल जाए। बीते कई सालों से नगर निगम पानी के बिल जारी करने वाले सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है लेकिन स्थिति वही ढाक के तीन पात वाली है।

बीते साल अक्तूबर माह में नगर निगम ने एक हफ्ते के भीतर सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने का दावा किया था। सॉफ्टवेयर तो अपग्रेड हुआ नहीं उलटे नगर निगम शहर के लोगों को धड़ाधड़ गलत बिल जारी कर मनमानी वसूली कर रहा है।

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