MC Shimla Election: एमसी चुनाव के लिए कांग्रेस ने भी जारी किया संकल्प पत्र, जनता से किए 13 वायदे
कांग्रेस पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं नगर निगम चुनाव सह प्रभारी तेजिंद्र पाल सिंह बिट्टू की मौजूदगी में संकल्प पत्र जारी किया।
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नगर निगम शिमला चुनाव के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को संकल्प पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं नगर निगम चुनाव सह प्रभारी तेजिंद्र पाल सिंह बिट्टू की मौजूदगी में संकल्प पत्र जारी किया। संकल्प पत्र में कांग्रेस ने शहर की जनता के साथ 13 वायदे किए हैं जिसमें ऐतिहासिक शिमला शहर को क्लीन ग्रीन और सुव्यवस्थित शहर बनाने की घोषणा के साथ शहर की जनता को पर्याप्त शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने के साथ हर वार्ड में पार्क, पार्किंग, एंबुलेंस रोड, वेलनेस सेंटर के साथ नशा मुक्ति दिशा में कार्य करने जैसे आम जनता से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की बात की गई। संकल्प पत्र में गरीबों को आशियाने, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया करवाने, युवाओं के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कई वादे किए हैं। इस मौके पर पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, कृषिमंत्री चंद्र कुमार, शहरी विधायक हरीश जनारथा, विधायक सुधीर शर्मा, संजय रत्न, इंद्रदत्त लखनपाल, संजय रत्न, संजय अवस्थी, सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, कांग्रेस पदाधिकारी रजनीश किमटा, अमित पाल, यशवंत छाजटा, सुशांत कपरेट और युकां अध्यक्ष निगम भंडारी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
विस चुनाव की सभी गारंटियां कर दीं है पूरी : सुक्खू
संकल्प पत्र को जारी करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि संकल्प पत्र में शामिल हर घोषणा को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश की जनता को विधानसभा चुनाव में जो गारंटियां दी थीं उन्हें पूरा किया है। इसमें पहली कैबिनेट में ओपीएस बहाल की गई, महिलाओं को पेंशन और अनाथ बच्चों का सुखाश्रय जैसी कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं। युवाओं से नौकरी के नाम पर कर्मचारी चयन आयोग में हो रही ठगी रोकने को आयोग को भंग कर दिया। इसकी जांच करवाई और कड़ा कानून बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा शिमला शहर से स्वयं पार्षद रहा हूं, इसलिए शहर के हजारों भवन मालिकों के दर्द को समझ एटिक को रहने योग्य बनाने, इसे रेगुलराइज करने का निर्णय लिया है। भाजपा अपनी सरकार होते हुए भी पांच साल में यह नहीं कर पाई। सरकार ने शहर की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने को विश्व की बेस्ट युवी तकनीक इस्तेमाल करने की दिशा में कदम उठाया है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। एक साल के भीतर शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने का लक्ष्य है।
कांग्रेस के संकल्प पत्र में शामिल घोषणाएं
क्लीन ग्रीन और सुव्यवस्थित शहर बनेगा शिमला
स्वच्छ जल आपूर्ति होगी
पार्क, पार्किंग और सामुदायिक केंद्र खोलेंगे
नशा मुक्ति की ओर उठाएंगे कदम
एंबुलेंस मार्ग और सुचारु सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था
वेलनेस सेंटर
इंडोर स्टेडियम
शहरी गरीब व्यक्तियों को आवास योजना के तहत घर
डि-कंजशन से छुटकारा और व्यापारियों को मिलेगी राहत
स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तारीकरण
महिलाओं के उत्थान के लिए कौशल विकास केंद्र
विद्युत सेवाएं
पर्यटन विकास
शिक्षा सुदृढ़ीकरण और पुस्तकालय
कांग्रेस सरकार ने किसी गारंटी को समय पर पूरा नहीं किया : रणधीर
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस धोखेबाज सरकार है। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले अनेक वादे किए थे, अब यह स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस ने गारंटियां देकर प्रदेश की जनता को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र आया है, पर अभी तक किसी गारंटी को कांग्रेस पार्टी ने समय पर पूरा नहीं किया है। नगर निगम चुनाव को लेकर भी उनकी सभी गारंटियां पूरी नहीं हो पाएंगी। नगर निगम के कांग्रेस घोषणापत्र पर भी शिमला की जनता भरोसा नहीं करेगी कि यह हमारी गारंटी है। रणधीर शर्मा ने सोमवार को शिमला में पत्रकारवार्ता में कहा कि ओपीएस मिलना अभी शुरू नहीं हुआ है। यह केवल वादा बन कर रह गया है। कर्मचारियों को 11 फीसदी डीए नहीं दिया और केवल तीन फीसदी की घोषणा की गई है, पर देना शुरू नहीं किया गया है।
18 से 60 साल तक की किसी भी महिला को 1,500 रुपये नहीं दिए गए हैं। यह प्रदेश की माताओं और बहनों के साथ धोखा है। प्रदेश के युवाओं को कहा कि पांच लाख रोजगार देंगे। देने की बात तो दूर जिनके पास नौकरियां थीं, उनसे भी नौकरियां छीन ली गईं। आउटसोर्स के तहत लगे लोगों को निकाला गया है। एक गारंटी और थी कि प्रदेश का बागवान फलों की कीमत खुद तय करेगा, पर बागवानी मंत्री भी अपनी बात से पलटे। बागवानी मंत्री का पहला ही बयान सरकार बनने के बाद था कि यह तो संभव ही नहीं है। 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात तो दूर है, यहां तो बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। प्रदेश में 900 संस्थान बंद कर जनता से धोखा दिया गया है। विधायक निधि को भी बंद कर विधायकों को धोखा दिया गया है। सुक्खू ने कर्जमुक्त प्रदेश बनाने की बात की थी पर पिछले चार माह में ही 6,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है।