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शिमला के लिए नगर निगम ने लिए ये तीन बड़े फैसले
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 18 Jul 2015 09:52 AM IST
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राजधानी में ढुलाई महंगी करने के प्रस्ताव को महापौर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने मंजूरी दे दी है। वित्त, संविदा और योजना समिति की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर संजय चौहान ने की। ढुलाई दरों में दस-बीस नहीं बल्कि 30 फीसदी बढ़ोतरी की है। शिमला शहर में अधिकांश जगह गाड़ियां नहीं जातीं।
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पीठ पर ही सामान पहुंचाया जाता है। घर का राशन तक श्रमिकों की पीठ पर ही पहुंचता है। जाहिर है कि ढुलाई दरों के बढ़ने से अन्य चीजों के रेट भी बढ़ेंगे। टूरिस्ट सिटी होने की वजह से यहां श्रमिकों की तादाद काफी है। कई बार तय मजदूरी से ज्यादा पैसे लेने के मामले भी सामने आते रहे हैं। नगर निगम के इलाके में काम करने वाले श्रमिकों की इस फैसले से बांछें खिल गई हैं।
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नगर निगम की बैठक में कई कार्यों के प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसमें पर्यटक सूचना केंद्र से ओल्ड बैरियर विलो बालूंगज तक 12,92,631 रुपये और एम विला वाया डिक्शी कोठी बिल्डिंग से सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की मुख्य सीवरेज लाइन तक 12,94,500 रुपये से 6 इंच ब्यास वाली सीवरेज लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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कैंथ इस्टेट वाया शीश राम हाउस से सेठ निवास तक क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण पर 7,65,900 और फ्रूड गांव से कमला नगर रिटेंनिग वाल पर 19,29,500 रुपये खर्च किए जाएंगे। स्टोन सोलिगं करवाने और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों तथा रास्तों की रिपेयर पर 7.18 लाख रुपये खर्च होंगे।
एलईडी लाइटों से जगमगाएगी पहाड़ों की रानी
राजधानी की प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने के प्रस्ताव को भी बैठक में मंजूरी दी गई। माहपौर संजय चौहान ने कहा कि शहर में स्ट्रीट लाइटों को अब एलईडी लाइट में बदला जा रहा है। इससे जहां बिजली की खपत में कमी आएगी वहीं प्रकाश भी अधिक होगा। शहर में एलईडी लाइट लगाने और इसका रखरखाव और इस पर आने वाले बिलों का भुगतान एनर्जी एफीशिएंसी सर्विसिज लिमिटेड कंपनी करेगी।
इस पर आने वाले बिजली के बिलों का भुगतान भी 7 सालों तक कंपनी ही वहन करेगी। इसके एवज में नगर निगम कंपनी को औसतन 16 लाख प्रति माह के हिसाब से भुगतान करेगा। यही खर्चा नगर निगम का बिजली के बिल पर आ रहा है। पूरे शहर में पुरानी स्ट्रीट लाइटें 7800 हैं। इसमें 2200 नई स्ट्रीट लाइटें और लगेंगी। बैठक में उपमहापौर टिकेंद्र सिंह पंवर, पार्षद शशी शेखर, पार्षद कांता सुयाल, आयुक्त नगर निगम शिमला एवं दूसरे अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में समिति द्वारा चर्चा के कई दूसरी मदों को भी पारित किया।