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जल्दी रंग लीजिए घर की छतें वरना..
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 17 Dec 2014 11:10 AM IST
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राजधानी शिमला में सरकारी, अर्ध सरकारी और निजी भवनों की छतों को लाल या हरे रंग से नहीं रंगने वालों को 17 दिसंबर से नोटिस जारी किए जाएंगे। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम के कनिष्ठ अभियंताओं ने सभी वार्डों से रिकार्ड जुटा लिया है। अनुमान के अनुसार नोटिस हजारों में हो सकते हैं। सूचियां तैयार होते ही नोटिस जारी होंगे।
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निगम प्रशासन ने एक से 15 दिसंबर तक लोगों को छतें रंगने का अल्टीमेटम जारी किया था। इसकी मियाद सोमवार को समाप्त हो गई है। शहर में लाल या हरे रंग से छतों को रंगना अनिवार्य किया गया है। भवन मालिकों, किराएदारों और कब्जाधारियों को छतों को रंगने के आदेश दिए गए हैं। छतों को नहीं रंगने वालों की सूची नगर निगम हाईकोर्ट को सौंपेगा।
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अभी आधे शहर की छतों पर रंग नहीं किया गया है। कई छतों पर काफी साल पहले रंग हुआ है, ऐसे में यह रंग हल्का पड़ गया है। मुख्य शहर की छतों की हालत तो जर्जर हो गई है। माल रोड, लोअर बाजार, गंज बाजार, सब्जी मंडी, राम बाजार और ओल्ड बस स्टैंड के पास स्थित कई भवनों की छतों पर तो जंग तक लग गया है। निजी भवनों के अलावा कई सरकारी विभागों की छतों की हालत भी बहुत खराब है।
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नियम नहीं मानने पर कसेगा शिकंजा
नगर निगम आयुक्त पंकज राय का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। शहर की सुंदरता और एकरूपता को ध्यान में रखते हुए लोगों को छतें रंगने के आदेश दिए गए हैं। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम के कनिष्ठ अभियंताओं ने सभी वार्डों से रिकार्ड जुटा लिया है। निगम प्रशासन ने एक से 15 दिसंबर तक लोगों को छतें रंगने का अल्टीमेटम जारी किया था। इसकी मियाद सोमवार को समाप्त हो गई है।
यह है मामला
हाईकोर्ट ने त्रिशा शर्मा बनाम राज्य सरकार केस के मामले में राजधानी शिमला में भवनों की छतों को लाल या हरे रंग से रंगने के आदेश दिए थे। नगर निगम के बिल्डिंग बॉयलाज 1998 के 41.7 में भी छतों को रंगने का उल्लेख है। ऐसे में जो भवन मालिक छतों में रंग नहीं करवाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट की अवमानना का केस भी चलेगा। नोटिस जारी होने के बावजूद छतों को नहीं रंगने वालों की छतों को नगर निगम स्वयं रंगेगा। छत रंगने की फीस भवन में रहने वालों से वसूली जाएगी। इन लोगों के नामों की सूची हाईकोर्ट में भी सौंपी जाएगी।
कनिष्ठ अभियंता जारी करेंगे नोटिस
नोटिस जारी करने की शक्तियां भी कनिष्ठ अभियंताओं को दी गई हैं। हर कनिष्ठ अभियंता को दो-दो वार्डों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। शहर के भवनों में एकरूपता लाने और सुंदरता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।