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डिप्टी मेयर और पार्षद करतेे रहे इंतजार, नहीं आईं महापौर
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भाजपा पार्षदों ने मेयर के फैसले पर उठाए सवाल, फोन पर बुलाते रहे
क्रॉसर
पार्षद बोले, एमसी सदन से ऐसे भागना सही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को राहत देने के प्रस्तावों पर फैसला लिए बगैर नगर निगम सदन स्थगित करने के महापौर सत्या कौंडल के फैसले पर भाजपा पार्षदों ने ही सवाल खड़े कर दिए। दोपहर सवा तीन बजे मेयर सदन स्थगित कर आयुक्त कार्यालय चली गईं।
कांग्रेस समेत भाजपा पार्षदों को लगा कि पांच मिनट बाद सदन फिर शुरू होगा। पहले भी ऐसा होता रहा है लेकिन मंगलवार को ऐसा नहीं हुआ। मेयर वापस लौटी ही नहीं। बैठक स्थगित होने के आधे घंटे बाद तक भाजपा पार्षद और डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान सदन में बैठकर मेयर के लौटने का इंतजार करते रहे। कई भाजपा पार्षदों ने फोन कर मेयर को सदन में आने को कहा, लेकिन मेयर ने इंकार कर दिया। बाद में सूचना मिली कि अब सदन आगे नहीं बढ़ेगा। इस पर भाजपा पार्षदों ने भी सवाल उठा दिए। कहा कि ऐसे विरोध से भागने की बजाय उनका जवाब देना चाहिए। इंतजार में बैठे भाजपा पार्षद सुनील धर, कमलेश मेहता, आशा शर्मा, किमी सूद, जगजीत बग्गा, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, पूरन, मल, संजीव ठाकुर और रेणू चौहान ने कहा कि सदन दोबारा शुरू होना चाहिए था। पेयजल समेत उनके वार्डों के कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी जिससे जनता को राहत मिलनी है। ऐसे सदन स्थगित करना सही नहीं। यदि कांग्रेस विरोध कर रही थी तो मेयर के साथ उनका जवाब देने के लिए भाजपा पार्षद भी तैयार थे।
कांग्रेस हंगामा कर खराब रही माहौल : चौहान
डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि सदन होना चाहिए था लेकिन कांग्रेस हंगामा कर माहौल खराब कर रही है। कांग्रेस पार्षद ने सदन में मनोनीत पार्षद के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जो गलत है।
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पार्षद बोले, एमसी सदन से ऐसे भागना सही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को राहत देने के प्रस्तावों पर फैसला लिए बगैर नगर निगम सदन स्थगित करने के महापौर सत्या कौंडल के फैसले पर भाजपा पार्षदों ने ही सवाल खड़े कर दिए। दोपहर सवा तीन बजे मेयर सदन स्थगित कर आयुक्त कार्यालय चली गईं।
कांग्रेस समेत भाजपा पार्षदों को लगा कि पांच मिनट बाद सदन फिर शुरू होगा। पहले भी ऐसा होता रहा है लेकिन मंगलवार को ऐसा नहीं हुआ। मेयर वापस लौटी ही नहीं। बैठक स्थगित होने के आधे घंटे बाद तक भाजपा पार्षद और डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान सदन में बैठकर मेयर के लौटने का इंतजार करते रहे। कई भाजपा पार्षदों ने फोन कर मेयर को सदन में आने को कहा, लेकिन मेयर ने इंकार कर दिया। बाद में सूचना मिली कि अब सदन आगे नहीं बढ़ेगा। इस पर भाजपा पार्षदों ने भी सवाल उठा दिए। कहा कि ऐसे विरोध से भागने की बजाय उनका जवाब देना चाहिए। इंतजार में बैठे भाजपा पार्षद सुनील धर, कमलेश मेहता, आशा शर्मा, किमी सूद, जगजीत बग्गा, पूर्व डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, पूरन, मल, संजीव ठाकुर और रेणू चौहान ने कहा कि सदन दोबारा शुरू होना चाहिए था। पेयजल समेत उनके वार्डों के कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी जिससे जनता को राहत मिलनी है। ऐसे सदन स्थगित करना सही नहीं। यदि कांग्रेस विरोध कर रही थी तो मेयर के साथ उनका जवाब देने के लिए भाजपा पार्षद भी तैयार थे।
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कांग्रेस हंगामा कर खराब रही माहौल : चौहान
डिप्टी मेयर शैलेंद्र चौहान ने कहा कि सदन होना चाहिए था लेकिन कांग्रेस हंगामा कर माहौल खराब कर रही है। कांग्रेस पार्षद ने सदन में मनोनीत पार्षद के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जो गलत है।
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