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हंगामे की भेंट चढ़ा एमसी का सदन

Tue, 28 Dec 2021 11:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 11:21 PM IST
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mc meeting expel
एमसी के इतिहास में पहली बार सवालों-प्रस्तावों पर चर्चा किए बगैर स्थगित हुआ सदन
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क्रॉसर
लोगों को साल के आखिरी सदन से नहीं मिली राहत
चुनावी साल में कांग्रेसी पार्षदों ने आक्रामक किए तेवर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भाजपा शासित नगर निगम का इस साल का आखिरी सदन मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। नगर निगम के इतिहास में यह पहला मौका था जब सवालों और प्रस्तावों पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन स्थगित कर दिया। चुनावी साल में कांग्रेस के तीखे तेवरों के आगे मेयर ने 45 मिनट में ही सदन खत्म कर दिया।
साल के आखिरी सदन से शहरवासी राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे। करोड़ों रुपये के प्रस्ताव भी सदन के लिए तैयार किए थे लेकिन दोपहर ढाई बजे जैसे ही सदन शुरू हुआ कि कांग्रेस पार्षद इंद्रजीत सिंह ने लोअर बाजार में तीनों सार्वजनिक शौचालयों को तोड़ने पर सवाल उठाए। पूछा कि बाजार में कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बगैर निगम ने तीनों शौचालय बंद क्यों कर दिए? अब लोग कहां जाएंगे। शांति विहार से कांग्रेस पार्षद शारदा चौहान ने कहा कि वह तीन साल से पार्किंग, सामुदायिक केंद्र, वार्ड दफ्तर को लेकर प्रस्ताव दे रही हैं, लेकिन निगम ने उन पर काम नहीं करता। वहीं उनके वार्ड से मनोनीत पार्षद राजेंद्र चौहान जो काम बताते हैं, निगम उन्हें तुरंत कर देता है। एक चुने हुए पार्षद से ज्यादा मनोनीत पार्षद को तरजीह दी जा रही है। इस पर भाजपा पार्षद पूरन मल, आशा शर्मा, अर्चना धवन ने कहा कि मनोनीत पार्षद काम करवा सकते हैं। इसमें क्या गलत है। पूरन मल ने मेयर से पूछा कि आखिर मनोनीत पार्षद पर उठे सवाल पर क्यों जवाब नहीं दे रही हैं। उधर, शारदा के समर्थन में सभी कांग्रेसी पार्षद उतर गए। बोले कि जिसने पहले प्रस्ताव दिया था वह काम पहले होना चाहिए। ऐसा भेदभाव नहीं चलेगा।
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धरने पर बैठ गए कांग्रेसी
पार्षद, स्थगित हुआ सदन
सदन में हंगामा बढ़ता देख मेयर सत्या कौंडल ने दोपहर 3:15 बजे सदन स्थगित कर दिया। मेयर को सदन से बाहर जाता देख कांग्रेस पार्षद शारदा चौहान, दिवाकर देव शर्मा, राकेश चौहान, कुसुम लता ठाकुर, इंद्रजीत सिंह, रीता ठाकुर, आनंद कौशल सदन के बीच में बने वेल में आकर बैठ गए। बोले कि मेयर चर्चा से भाग रही हैं। मेयर और अफसरों के सदन से जाने के बाद भाजपा पार्षद और कांग्रेसी पार्षद आपस में उलझ गए। उधर, कांग्रेस पार्षद के आरोपों पर मनोनीत पार्षद राजेंद्र चौहान ने कहा कि उन्होंने कभी दूसरी पार्षद के काम में दखल नहीं दिया। पार्किंग, पार्क, रोड, ड्रेनेज को लेकर उन्होंने जो प्रस्ताव दिए थे, उस पर जब काम शुरू हुआ तो दूसरी पार्षद को तकलीफ हो गई। कहा कि इन कामों के लिए उन्होंने भागदौड़ की है।
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अहम प्रस्ताव जिन पर नहीं हो पाई चर्चा
न्यू शिमला में सामुदायिक भवन और पार्किंग निर्माण
वार्ड नंबर 16 से 34 तक सड़कों की मरम्मत करना
पंथाघाटी वार्ड में एंबुलेंस रोड, भरयाल में सड़क चौड़ी करना
रिज मैदान और मालरोड पर सेल्फी प्वाइंट बनाना
संजौली में कार्टरोड से बॉथवेल के लिए सड़क निर्माण
सांगटी वार्ड में कलवर्ट और इंजनघर में पार्किंग प्रोजेक्ट
मेयर बोलीं-लड़ाई बढ़ती देख स्थगित किया सदन
सदन में मनोनीत पार्षद के काम करने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। अगले सदन में एक्ट की कॉपी कांग्रेस को देंगे। एक्ट में मनोनीत पार्षद को भी काम करने की शक्ति दी गई है। सदन में लड़ाई न बढ़े, इसीलिए स्थगित करना पड़ा। जनता से जुड़े अहम प्रस्ताव इसमें लगे थे। लोगों को इसके लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए एक हफ्ते के भीतर स्पेशल हाउस बुलाएंगे।
-सत्या कौंडल, मेयर नगर निगम शिमला
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