कॉरपोरेट घरानों के लिए नहीं, आम पब्लिक के लिए स्मार्ट बनेगा शिमला
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शिमला को कॉरपोरेट घरानों के लिए नहीं बल्कि आम पब्लिक के लिए स्मार्ट बनाया जाएगा। शहर की पब्लिक और लोगों की क्षमता के अनुसार नगर निगम स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए प्लान तैयार करेगा।
शहर के लिए समुचित पानी की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था में सुधार और सोलेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान में नगर निगम की प्राथमिकता रहेगी। स्मार्ट सिटी को लेकर नगर निगम शहर की जनता के बीच बहस छेड़ेगा। बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने यह बात कही।
उन्होंने स्मार्ट सिटी में शामिल होने पर शहर के लोगों को बधाई दी। कहा कि शिमला फास्ट ट्रैक सिटी में शामिल हुआ है जिसके चलते प्लान तैयार करने में भी तेजी दिखानी होगी। उन्होंने कहा है स्मार्ट सिटी में राजधानी शिमला को शामिल कर नगर निगम का पहला संघर्ष पूरा हो चुका है।
अब शहर के लोगों की आशाओं के अनुरूप प्लान तैयार करने और लोगों के बीच इसे लेकर बहस छेड़ने को लेकर दूसरा संघर्ष शुरू किया जाएगा। टिकेंद्र पंवर ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कारपोरेट सेक्टर का आना तय है, लेकिन प्रोजेक्ट के तहत क्या काम होगा यह शहर की पब्लिक तय करेगी।
बीजेपी के मेयर नहीं बनाना चाहते अपने शहर को स्मार्ट सिटी
टिकेंद्र पंवर ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पूरी तरह पैसे का प्रोजेक्ट है। कारपोरेट इस प्रोजैक्ट में पैसा लगा कर पैसा बनाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी एक्सपो में बीजेपी के मेयर ही अपने शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल करने के खिलाफ थे।
जेब में चवन्नी, खरीदने चले फाइटर जेट
डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि मौजूदा साधनों को ध्यान में रखते हुए ही नगर निगम शहर के लिए प्लान तैयार करेगा। जेब में चवन्नी और फाइटर जेट खरीदने की योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्लान नहीं बनाया जाएगा जो वास्तविकता से परे हो।
स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त आंकडे़
स्मार्ट सिटी के लिए प्लान बनाने को नगर निगम के पास पहले ही पर्याप्त डाटा है। सिटी डेवेलपमेंट प्लान, सोलर सिटी प्लान, सिटी मोबिलिटी प्लान, सिटी सॅनिटेशन प्लान, सिटी रेसिलियंस इंडेक्स, ग्रीन हाउस इनवेंट्री बना कर नगर निगम ने आधारभूत आंकड़े पहले ही जुटा लिए हैं।
स्मार्ट सिटी के लिए कांग्रेसी पार्षदों ने जताया मंत्री का आभार
नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद शशी शेखर, सुरेंद्र चौहान, सुशांत कपरेट, कुलदीप ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, दीपक रोहाल, आलोक पठानिया, प्रवीण कुमार, इंद्रजीत सिंह, उषा लखनपाल, उमा कौशल, सुषमा कुठियाला और अर्चना धवन ने शिमला शहर को स्मार्ट सिटी में शामिल करवाने के लिए शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का आभार जताया है।
पार्षदों का कहना है कि मंत्री के प्रयासों से ही शिमला शहर स्मार्ट सिटी की श्रेणी में शामिल हो पाया है। केंद्रीय मंत्री वैंकया नायडू ने साफ कहा है कि प्रदेशों के मंत्रियों के आग्रह पर राजधानियों को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है।
सुधीर शर्मा भी शिमला को स्मार्ट सिटी में शामिल करने के लिए कई बार केंद्रीय मंत्री से मिले जिसके फलस्वरूप शिमला स्मार्ट सिटी में शामिल हो पाया। निगम पार्षद सुशांत कपरेट ने मेयर, डिप्टी मेयर पर निशाना साधते हुए कहा है कि सिर्फ चिट्ठियां लिखने से शहर स्मार्ट सिटी की सूची में नहीं आ जाता, ऐसा करने से सिर्फ लोगों को भ्रमित ही किया जा सकता है।