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Martyr Rakesh Kumar: दिवाली मना हफ्ता पहले ही लौटे थे मंडी के बलिदानी राकेश कुमार, पत्नी-मां बेसुध
Mon, 11 Nov 2024 11:07 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 11 Nov 2024 11:07 AM IST
सार
राकेश दिवाली मनाकर एक हफ्ता पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। जेसीओ राकेश कुमार के बलिदान का पता चलते ही घर पर मां और पत्नी बेसुध हो गईं।
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श्रीनगर के ईश्बर निशात में मुठभेड़ स्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों के जवान।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारतीय सेना और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में मंडी जिले के नायब सूबेदार राकेश कुमार बलिदान हुए हैं। 42 वर्षीय जवान के बलिदान का समाचार मिलते ही घर और पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। राकेश दिवाली मनाकर एक हफ्ता पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। जेसीओ राकेश कुमार के बलिदान का पता चलते ही घर पर मां और पत्नी बेसुध हो गईं। गांव में चीख पुकार मच गई। बड़ी संख्या में लोग घर में पहुंच गए।
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28 जनवरी 1982 को जन्मे राकेश कुमार ने सेना में 23 वर्षों तक निष्ठा और साहस के साथ सेवा की। बरनोग के रहने वाले राकेश कुमार आतंकी हमले का शिकार हुए। राकेश कुमार अपने पीछे परिवार में पत्नी भानु प्रिया, मां भाटी देवी, 14 वर्षीय बेटी यशस्वी और 9 वर्षीय बेटा प्रणव छोड़ गए हैं। उनके बलिदान से गांव में भी मातम का माहौल है। उन्होंने अपने पूरे जीवन को देश की सेवा में समर्पित कर दिया और उनकी इस वीरता से हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।
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सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहते थे राकेश
छमयार पंचायत के प्रधान रेलु राम ने बताया कि बलिदानी राकेश कुमार ने वीरभूमि हिमाचल का मान बढ़ाया है। प्रदेश के लोग महान सपूत की वीरता को सलाम कर रहे हैं। रेलु राम ने बताया कि मिलनसार राकेश सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहते थे। बताया कि 2023 की आपदा में उनका घर ढह गया था। पुराने चाके वाले यानी स्लेटपोश घर में गुजर बसर कर रहे हैं। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि नायब सूबेदार के बलिदान की सूचना मिली है। सोमवार को शव कांगणीधार पहुंचेगा। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।