फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Market Intervention Scheme HPMC Apple rates

एमआईएस के रेट ने दिया सेब बागवानों को झटका

Tue, 12 Jul 2016 10:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 12 Jul 2016 10:20 AM IST
विज्ञापन
Market Intervention Scheme HPMC Apple rates

मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब की खरीद के लिए तय की किए गए समर्थन मूल्य से बागवानों में भारी असंतोष हैं। इस साल भी बीते साल भी बीते वर्ष के ही मूल्यों से प्रदेश सरकार बागवानों के सेब खरीदेगी वहीं सरकारी एजेंसियों के रेटों में इस साल इजाफा किया गया हैं। सरकार ने सरकारी एजेंसियों को तोहफे में 25 प्रतिशत हेंडलिंग चार्ज बड़ा दिये हैं।  प्रदेश उद्यान विभाग

विज्ञापन


एमआईएस के तहत केंद्र स्थापित करने के लिए सरकारी एजेंसियों एचपीएमसी और हिमफैड को केंद्र आउटसोर्स करने के लिए देगा जिसके तहत पूरे प्रदेश में 279 एमआईएस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बीते साल के मुकाबले इस बार प्रदेश में सेब की फसल
विज्ञापन


आधे से भी कम है जिसके चलते बागवानों को उम्मीद थी कि एमआईएस के तहत उन्हें फसल के अच्छे रेट मिलेंगे लेकिन कीमतों में बीते वर्ष के मुकाबले इजाफा न होने से बागवानों का बड़ा झटका लगा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


साढ़े छह रूपये प्रति किलो बिकेगा सेब  

मंडी मध्यस्थता योजना के तहत इस साल सेब की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बीते साल के मुताबिक इस साल भी साढ़े छह रूपये प्रति किलो के हिसाब से सरकार बागवानों से सेेब खरीदेगा। वहीं हेडलिंग चार्ज में बीते साल के मुताबिक  25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर 2.20 पैसों से बढ़ाकर 2.75 पैसे कर दिये गये हैं।

क्या है हैंडलिंग चार्ज

हर साल प्रदेश सरकार सेब बागवानों के लिए फल खरीद केंद्र खोलती हैं। इन केंद्रों में बागवान अपने बी ग्रेड के सेब सरकार को बेचते हैं जिसका मूल्य भी सरकार ही तय करती हैं। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत इन केंद्रों को खोला जाता है जिसमें केंद्र

सरकार प्रदेश सरकार को पैसे अवंटित करती है। प्रदेश उद्यान विभाग एचपीएमसी और हिमफैड को बागवानों से सेब खरीद के लिए केंद्र आउटसोर्स करता हैं। जिसमें यह एजेंसियां बागवानों से सेब खरीद कर परवाणू भेजती हैं जिसका सरकार इन्हें हेंडलिंग चार्ज देती हैं।

साढ़े छह रूपये खरीदा जाएगा सेब- भंघालिया
प्रदेश उद्यान विभाग के निदेशक डी पी भंघालिया ने बताया कि एमआईएस योजना के तहत बागवानों से साढ़े छह रूपये प्रति किलो के हिसाब से सेब खरीदा जाएगा और हेडलिंग चार्ज 2.75 पैसे दिये जाएंगे।

कम से कम सेब की लागत तो दें सरकार - चौहान
फल सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा की कम से कम सरकार सेब उगाने के लिए लगने वाली लागत मूल्यों के बराबर तो उत्पादकों को फलों की कीमत दें। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग के मुताबिक सेब उगाने की लागत मूल्य 9.45 रुपये प्रति किलो है और बागवानों के


आंकलन के हिसाब से सेब के उत्पादक की लागत कीमत 20 रुपये प्रति किलो हैं। चौहान ने बताया कि सरकार बागवानों को सेब के साढ़े छह प्रति किलो कीमत देकर प्रोत्साहन के बजाए  हतोउत्साहित कर रही हैं। अध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि कम से कम सेब बागवानों को उनके सेब उत्पादन की लागत कीमत के हिसाब से सेब की खरीद करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed