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4700 मीटर की ऊंचाई पर होगी मैराथन, यहां पैदल चलने से ही फूल जाती है सांसें

Sun, 18 Aug 2019 02:57 PM IST
अरविन्द ठाकुर अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 18 Aug 2019 02:57 PM IST
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Marathon at height of 4700 meter in Komic Village Spiti Valley Himachal Pradesh
- फोटो : अमर उजाला

समुद्रतल से 4700 मीटर की ऊंचाई पर जहां पैदल चलने से ही सांस फूल जाती है। वहां हाफ मैराथन से लोग स्वच्छता का संदेश देंगे। स्वच्छता अभियान की अलख को चीन सीमा तक पहुंचाया जाएगा। इस ऊंचाई पर दौड़ लगाना आसान काम नहीं है, लेकिन मैराथन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। 19 अगस्त को मैराथन होगी। तीन दिवसीय राज्य स्तरीय लादरचा उत्सव के दौरान स्वच्छता की अलख जगाने के लिए 21 किमी की यह दौड़ होगी।

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मैराथन की खास बात यह है कि इसमें प्रोफेशनल धावक हिस्सा नहीं ले पाएंगे। दावा किया जा रहा है कि मैराथन एशियन बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल हो सकती है। देश और विदेश के पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग इसमें हिस्सा ले सकेंगे। इसके लिए बीडीओ ऑफिस काजा में पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के बाद मैराथन में हिस्सा लेने वाले धावक को मेडिकल फिटनेस की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
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मेडिकल में फिट होने के बाद ही धावक मैराथन में हिस्सा ले सकेगा। इसके अलावा हिस्सा लेने वाले धावक को यह लिखित में देना होगा कि दौड़ के दौरान कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए वे खुद जिम्मेवार होगा। विजेता को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। 19 अगस्त को दुनिया के सबसे ऊंचे गांव कौमिक से इस मैराथन की शुरुआत होगी। 21 किमी लंबी मैराथन का समापन होम स्टे विलेज के नाम से विख्यात डेमुल में होगा। इस दौरान धावकों को 4700 मीटर की ऊंचाई पर जोखिम भरी दौड़ लगानी होगी।

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साहसिक और बेहद जोखिम भरी होगी दौड़

अत्यधिक ऊंचाई में हवा और पानी की किल्लत के कारण यहां पैदल चलने मात्र से सांस फूल जाती है। ऐसे में इस मैराथन को दुनिया की सबसे साहसिक और जोखिम पूर्ण माना जा रहा है। मैराथन के विजेता को 11 हजार नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इधर, मैराथन शुरू होने से 5 दिन पहले ही कई धावक स्पीति पहुंचकर अभ्यास में जुट गए हैं।

कार्यकारी एडीएम और एसडीएम काजा जीवन सिंह नेगी का कहना है कि चीन बॉर्डर से सटे स्पीति इलाके में स्वच्छता अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने की दिशा में यह अनोखी पहल हो रही है। उम्मीद है कि इस हाफ मैराथन में कुछ विदेशी धावक भी शामिल होंगे। इसमें प्रोफेशनल धावक हिस्सा नहीं ले पाएंगे। आयोजन में महिलाएं भी अपने वर्ग में हिस्सा लेंगी।

अब तक 55 ने करवाया मैराथन के लिए पंजीकरण 
मैराथन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बीडीओ दफ्तर काजा में अब तक 55 धावकों ने पंजीकरण करवा दिया है। 

लद्दाख के खारदुंगला के नाम सबसे ऊंची मैराथन का रिकॉर्ड
दुनिया मे सबसे ऊंचे स्थान पर मैराथन का रिकॉर्ड लद्दाख के खारदुंगला के नाम दर्ज है। इसे दुनिया का सबसे मुश्किल अल्ट्रा मैराथन का नाम दिया गया। यह मैराथन 72 किमी की थी। 

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