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शिमला: फर्जी तरीके से एनओसी लेकर चल रहे कई निजी शिक्षण संस्थान

Tue, 18 Jan 2022 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 18 Jan 2022 05:00 AM IST
सार

एनसीटीई के अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद कई निजी संस्थानों की साख दाव पर लग गई है। आने वाले दिनों में विजिलेंस की जांच के बाद स्पष्ट होगा कि दिल्ली से आए अधिकारियों ने किन कार्यों के लिए रिश्वत ली थी। इसके बाद आयोग भी जांच की धार तेज करेगा।

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Many private educational institutions running with fake NOC
जांच(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में फर्जी तरीके से एनओसी लेकर कई निजी शिक्षण संस्थान खोले गए हैं। राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग की जांच में भी ऐसे संस्थानों पर सवाल उठ चुके हैं। अब जिला कांगड़ा में एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के अधिकारियों के रिश्वत मामले ने आयोग की जांच को बल दिया है। आयोग का शिकंजा कसने पर कई संस्थानों ने हाईकोर्ट जाकर निरीक्षण पर स्टे ले लिया था। इसके बाद आयोग की जांच भी कुछ कम हुई। हाल ही में कांगड़ा में रिश्वत लेते पकड़े गए एनसीटीई के अधिकारियों के मामले ने कई शिक्षण संस्थानों की एनओसी को सवालों के घेरे में ला दिया है। बीएड सहित कई तकनीकी निजी शिक्षण संस्थान आयोग की रडार पर रहे हैं। मूलभूत सुविधाएं न होने के बावजूद कई संस्थानों ने एनओसी ली हुई है। शिक्षकों की योग्यता भी संदेह के घेरे में है।

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आयोग ने इन मामलों को लेकर बीते वर्ष कई संस्थानों का निरीक्षण कर उन्हें नोटिस जारी किए थे। इसके बाद कई निजी संस्थानों के प्रबंधक हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद आयोग ने अपनी जांच का रुख बदलते हुए आवश्यक जानकारियां जुटाना शुरू कर दिया था। कई संस्थानों ने जानकारी देने से भी गुरेज किया। राजनीतिक दबाव डालने के बाद आयोग की जांच को भी प्रभावित करने के लगातार प्रयास किए गए। अब एनसीटीई के अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद कई निजी संस्थानों की साख दाव पर लग गई है। आने वाले दिनों में विजिलेंस की जांच के बाद स्पष्ट होगा कि दिल्ली से आए अधिकारियों ने किन कार्यों के लिए रिश्वत ली थी। इसके बाद आयोग भी जांच की धार तेज करेगा।

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