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सरकार ये अफसर तो किसी की नहीं सुनते
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 30 May 2014 11:15 AM IST
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जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में हर बार की तरह इस बार भी कई विभागों के अधिकारी गायब रहे। वीरवार को हुई इस बैठक में परिषद सदस्यों ने अधिकारियों की गैरहाजिरी पर फिर सवाल उठाए।
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इनका कहना था कि हर बार नोटिस देने का इन अफसरों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। ये लगातार इन बैठकों से गायब ही रहते हैं। ऐसे में प्रतिनिधि काम को लेकर सवाल पूछे तो किससे?
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सभी सदस्यों ने कहा कि सरकार के साथ मिलकर इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। बचत भवन शिमला में हुई इस बैठक में वर्ष 2014-15 में किए जाने वाले 35 करोड़ 18 लाख रुपये के कार्यों की शेल्फ को मंजूरी दी गई है।
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सदन में पास किया प्रस्ताव
योजनाओं के प्रस्ताव को सदन ने पारित कर दिया है। जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रेश्वर प्रसार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पारित इन प्रस्तावों में मनरेगा के तहत निर्मल भारत अभियान के तहत भी 9462 व्यक्तिगत शौचालयों निर्माण किया जाना है।
योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 4062 लोगों के लिए शौचालय निर्माण और 5400 गरीबी रेखा से उपर के लोगों को शौचालय निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है।शौचालय निर्माण की कुल लागत 10300 होगी । इसमें से मनरेगा के तहत 4300 रुपये और निर्मल भारत अभियान के तहत 5100 रुपये की राशि लाभार्थी को दी जाएगी, जबकि उसका व्यक्तिगत अंशदान 900 रुपये रहेगा।
जिला परिषद अध्यक्ष ने बताया कि 13वें वित्तायोग के तहत पारित 14 लाख के आवंटन को बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उपाध्यक्ष प्रहलाद कश्यप, प्रेम ठाकुर, नीलम सरकैक, भूपेंद्र डोगरा, जिया लाल, निरंजन वर्मा, सहित समस्त सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्र की विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को उठाया और अधिकारियों से जवाब मांगा।