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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Many of the 500 denotified institutions will be restored, know the whole matter

Himachal Govt: डिनोटिफाई किए संस्थानों में से भी अभी कई होंगे बहाल, जानें पूरा मामला

Sun, 25 Dec 2022 11:57 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 25 Dec 2022 11:57 AM IST
सार

मुख्यमंत्री कार्यालय ने तमाम ऐसे संस्थानों की समीक्षा के लिए बारीकी से ब्योरा तैयार करने को कहा है। यह तय हुआ है कि अब तक डिनोटिफाई किए जा चुके करीब 500 संस्थानों में से सभी बंद नहीं किए जाएंगे।

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Many of the 500 denotified institutions will be restored, know the whole matter
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में डिनोटिफाई किए संस्थानों में से भी सभी पर आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। इनमें से कई संस्थान बहाल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने तमाम ऐसे संस्थानों की समीक्षा के लिए बारीकी से ब्योरा तैयार करने को कहा है। यह तय हुआ है कि अब तक डिनोटिफाई किए जा चुके करीब 500 संस्थानों में से सभी बंद नहीं किए जाएंगे। समीक्षा के बाद ही इस बारे में अंतिम निर्णय होगा। सुक्खू सरकार ने सत्ता में आते ही यह फैसला लिया कि नौ महीने पहले खोले गए या स्तरोन्नत किए तमाम संस्थानों की समीक्षा होगी। ऐसे करीब 900 संस्थान हैं। इनमें से करीब 500 संस्थान डिनोटिफाई कर दिए गए हैं। इस बीच भाजपा ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।

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इन फैसलों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है, जबकि सरकार की ओर से लगातार यह तर्क दिए जा रहे हैं कि बगैर बजट के ही बड़ी संख्या में संस्थानों को खोल दिया गया है। इसका मकसद केवल चुनाव को लक्षित करना ही था, जिसमें भाजपा कामयाब नहीं हुई। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने भी शनिवार को कहा कि जिन संस्थानों को डिनोटिफाई किया गया है, उनकी अभी समीक्षा की जानी है। इस बारे में समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय होना है। जिन संस्थानों के लिए बजट का प्रावधान किया गया, उन्हें छेड़ा भी नहीं जा रहा है। जिन संस्थानों को खोलना वाजिब है, उन्हें बहाल किया जा सकता है। 
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वर्ष 2024 का घाटा-नफा भी ध्यान में रखेगी सुक्खू सरकार 
नए संस्थानों की समीक्षा के दौरान सुक्खू सरकार वर्ष 2024 का घाटा-नफा भी ध्यान में रखेगी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने फिर चारों सीटों पर जीत का लक्ष्य तय करना है। वर्तमान में कांग्रेस के पास एकमात्र मंडी लोकसभा सीट ही है और यहां से प्रतिभा सिंह सांसद हैं। हमीरपुर, कांगड़ा और शिमला लोकसभा सीटों से भाजपा के सांसद हैं। 

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