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Shimla News: चिट्टे के काले कारोबार में कई पति-पत्नी भी शामिल
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खास खबर
सात फेरों के बाद मोटी कमाई के लालच में बेचने लगे नशा, अब सलाखों के पीछे कट रही जिंदगी
पंजाब, हिमाचल और
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चिट्टा तस्करी के काले कारोबार में कई पति-पत्नी भी संलिप्त हैं। लाखों की कमाई का लालच शादीशुदा जोड़ों को नशे के इस काले कारोबार में धकेल रहा है लेकिन अब उनको इसी लालच ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
जिला शिमला पुलिस ने एक महीने में चिट्टा तस्करी के मामलों में तीन दंपतियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक दंपती रामपुर समेत तीन जिलों में चिट्टा तस्करी का अंतरराज्यीय गिरोह चला रहा था। इसमें पुलिस ने सोहन लाल उर्फ साेनू और उसकी पत्नी गीता श्रेष्ठ को पकड़ा है, यह दोनों मंडी जिले के करसोग के रहने वाले हैं। पुलिस इस गिरोह के सरगना समेत 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि कई और तस्कर पुलिस के निशाने पर हैं। इसी गिरोह को चिट्टा सप्लाई करने के मामले में पुलिस ने हाल ही में पंजाब के फरीदकोट से अर्शदीप सिंह अटवाल और उसकी पत्नी पूजा रानी अटवाल को गिरफ्तार है। पुलिस का दावा है कि यह दंपती सोनू गिरोह को नशे की सप्लाई करता था और एक साल में ही उसने एक करोड़ रुपये की चिट्टा तस्करी को अंजाम दिया है। इसके अलावा कोटखाई में 54.420 ग्राम चिट्टे के साथ रॉबिन सिंह और शबाना उर्म माही को गिरफ्तार किया है। यह यूपी के मुज्जफरपुर के रहने वाले हैं। इसमें आरोपियों का एक दोस्त भी पकड़ा है।
महिला के साथ 7 माह का बच्चा भी जेल में
कोटखाई में जब रॉबिन सिंह और शबाना पकड़ी गईं तो उनके साथ उनका सात माह का बच्चा भी था। आरोपी टैक्सी हायर करके नशे की खेप पहुंचाने के लिए आए थे। अब सात महीने के बच्चे को भी माता-पिता के साथ कई दिन जेल में ही गुजारने पड़ेंगे। आरोपी मां को बच्चे के साथ अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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पति-पत्नी पर शक नहीं करती पुलिस
दंपती होने पर आमतौर पर पुलिस किसी भी प्रकार की तस्करी और आपराधिक गतिविधि को लेकर शक नहीं करती है। रात्रि गश्त और नाकाबंदी के दौरान महिला कर्मचारी भी ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कम संख्या में होती हैं। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी नशा तस्करी को अंजाम दे रहे थे। कोटखाई में गिरफ्तार आरोपियों के मामले में यह बात सामने आई है। पुलिस के पास पक्की सूचना नहीं होती तो यह आरोपी आराम से नशे की सप्लाई देकर लौट जाते और किसी को भनक तक नहीं लगती। इस तरह के मामले में सामने आने के बाद अब पुलिस सतर्कता बरत रही है।
नशा से कमाया पैसा सोने में किया निवेश
रामपुर में अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के मामले में गिरफ्तार दंपती से पुलिस ने साढ़े चार लाख रुपये के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि नशे की तस्करी से ही आरोपियों ने इन आभूषणों को अर्जित किया है। वहीं उनके बैंक खाते में भी लाखों की रकम को फ्रीज करवाया है।
कोट्स
नशा तस्करी में कुछ समय से दंपती भी पकड़े जा रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। नशा तस्करी को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
-संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला
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सात फेरों के बाद मोटी कमाई के लालच में बेचने लगे नशा, अब सलाखों के पीछे कट रही जिंदगी
पंजाब, हिमाचल और
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चिट्टा तस्करी के काले कारोबार में कई पति-पत्नी भी संलिप्त हैं। लाखों की कमाई का लालच शादीशुदा जोड़ों को नशे के इस काले कारोबार में धकेल रहा है लेकिन अब उनको इसी लालच ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
जिला शिमला पुलिस ने एक महीने में चिट्टा तस्करी के मामलों में तीन दंपतियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक दंपती रामपुर समेत तीन जिलों में चिट्टा तस्करी का अंतरराज्यीय गिरोह चला रहा था। इसमें पुलिस ने सोहन लाल उर्फ साेनू और उसकी पत्नी गीता श्रेष्ठ को पकड़ा है, यह दोनों मंडी जिले के करसोग के रहने वाले हैं। पुलिस इस गिरोह के सरगना समेत 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि कई और तस्कर पुलिस के निशाने पर हैं। इसी गिरोह को चिट्टा सप्लाई करने के मामले में पुलिस ने हाल ही में पंजाब के फरीदकोट से अर्शदीप सिंह अटवाल और उसकी पत्नी पूजा रानी अटवाल को गिरफ्तार है। पुलिस का दावा है कि यह दंपती सोनू गिरोह को नशे की सप्लाई करता था और एक साल में ही उसने एक करोड़ रुपये की चिट्टा तस्करी को अंजाम दिया है। इसके अलावा कोटखाई में 54.420 ग्राम चिट्टे के साथ रॉबिन सिंह और शबाना उर्म माही को गिरफ्तार किया है। यह यूपी के मुज्जफरपुर के रहने वाले हैं। इसमें आरोपियों का एक दोस्त भी पकड़ा है।
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महिला के साथ 7 माह का बच्चा भी जेल में
कोटखाई में जब रॉबिन सिंह और शबाना पकड़ी गईं तो उनके साथ उनका सात माह का बच्चा भी था। आरोपी टैक्सी हायर करके नशे की खेप पहुंचाने के लिए आए थे। अब सात महीने के बच्चे को भी माता-पिता के साथ कई दिन जेल में ही गुजारने पड़ेंगे। आरोपी मां को बच्चे के साथ अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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पति-पत्नी पर शक नहीं करती पुलिस
दंपती होने पर आमतौर पर पुलिस किसी भी प्रकार की तस्करी और आपराधिक गतिविधि को लेकर शक नहीं करती है। रात्रि गश्त और नाकाबंदी के दौरान महिला कर्मचारी भी ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कम संख्या में होती हैं। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी नशा तस्करी को अंजाम दे रहे थे। कोटखाई में गिरफ्तार आरोपियों के मामले में यह बात सामने आई है। पुलिस के पास पक्की सूचना नहीं होती तो यह आरोपी आराम से नशे की सप्लाई देकर लौट जाते और किसी को भनक तक नहीं लगती। इस तरह के मामले में सामने आने के बाद अब पुलिस सतर्कता बरत रही है।
नशा से कमाया पैसा सोने में किया निवेश
रामपुर में अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के मामले में गिरफ्तार दंपती से पुलिस ने साढ़े चार लाख रुपये के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि नशे की तस्करी से ही आरोपियों ने इन आभूषणों को अर्जित किया है। वहीं उनके बैंक खाते में भी लाखों की रकम को फ्रीज करवाया है।
कोट्स
नशा तस्करी में कुछ समय से दंपती भी पकड़े जा रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। नशा तस्करी को अंजाम देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
-संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला