हिमाचल में इस बार अप्रैल से लागू नहीं होंगी बजट की कई घोषणाएं
लोकसभा चुनावों के एलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू होने से प्रदेश में कई प्रोजेक्ट और विकास कार्य लटक गए हैं। बड़ी बात यह है कि अधिसूचना न होने की वजह से इस बार बजट की कई घोषणाएं अप्रैल महीने से लागू नहीं हो सकेंगी।
यही नहीं, बीते 15 दिन के भीतर जयराम सरकार ने तीन बार कैबिनेट बैठकें की हैं, जिनमें कई फैसले लिए गए हैं। लेकिन अधिसूचना न होने की वजह से ये फैसले चुनाव पूरे होने तक धरातल पर नहीं उतर सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने हाल ही में कैबिनेट की बैठक में 40 नए शिक्षण व चिकित्सा संस्थानों को खोलने व अपग्रेड करने को मंजूरी दी थी। इसमें प्राथमिक पीएचसी और सीएचसी, सिविल अस्पताल और अधिकांश अस्पतालों को 50 से 100 बिस्तर किए जाने की घोषणा की गई थी।
इसमें अधिकांश घोषणाएं जिला मंडी और कांगड़ा जिले की थी। सरकार ने हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में बिलासपुर जिला के झंडूता में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग का नया मंडल खोलने, सिरमौर जिला के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों घरगों प्लुशो को माध्यमिक विद्यालय, माध्यमिक पाठशाला दून
देरिया को राजकीय उच्च विद्यालय में स्तरोन्नत करने, कुल्लू जिला के सोयल, सिरमौर के कोटला मांगण, कोटला बड़ोग और छोग टाली को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्तरोन्नत करने, मंडी जिले के जोगिंद्रनगर क्षेत्र के मकरीड़ी में उप तहसील खोलने का निर्णय लिया था। लेकिन अधिसूचना न होने की वजह से ये फैसले लटक गए हैं।
ये बड़े फैसले लटके
सरकारी नौकरियों में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण
शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधियों को बढ़ा हुआ मानदेय
6500 पीटीए शिक्षकों को रेगुलर कर्मचारियों के बराबर स्केल देने का मामला
मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना, इस योजना के तहत फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कांटेदार तारें लगाने के लिए किसानों को सब्सिडी मिलनी थी
कैंसर भवन और गुर्दा प्रत्यारोपण का काम रुका
प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी स्थित कैंसर अस्पताल का निर्माण करना था। यह मामला एनजीटी में था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। आचार संहिता के चलते इसका काम रुक गया है। इसी तरह आईजीएमसी में शुरू किए जाने वाले गुर्दा प्रत्यारोपण का काम भी लटक सकता है।
रोपवे का निर्माण कार्य भी फंसा
प्रदेश सरकार ने रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (आरटीडीसी) के तहत रोपवे का निर्माण कार्य भी लटक गया है। लोक निर्माण विभाग ने तीन दिन पहले रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन में अफसरों की तैनाती कर दी थी, अब बगलामुखी, शिकारी देवी, शिमला, कुल्लू और मनाली में जगह फ ाइनल कर रोपवे निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाने थे, अब यह सारी प्रक्रिया रुक गई है।