फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi Lok Sabha Seat, loksabha elections, loksabha elections 2024, loksabha elections

Mandi Lok Sabha Seat: मंडी के मैदान में राजघरानों का रहा डंका, 19 में से 13 चुनाव में बने विजेता

Mon, 11 Mar 2024 02:10 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 11 Mar 2024 02:10 PM IST
सार

मंडी संसदीय क्षेत्र में वर्ष 1952 से 2021 तक हुए 19 चुनावों में 13 बार राजघरानों के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। 

विज्ञापन
Mandi Lok Sabha Seat, loksabha elections, loksabha elections 2024, loksabha elections
मंडी सीट से ये नेता रहे सांसद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल के मंडी संसदीय क्षेत्र में वर्ष 1952 से 2021 तक हुए 19 चुनावों में 13 बार राजघरानों के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर अभी तक 14 बार कांग्रेस, पांच बार भाजपा और एक बार जनता पार्टी के प्रत्याशी की जीत हुई है। वीरभद्र सिंह, पंडित सुखराम, महेश्वर सिंह और प्रतिभा सिंह ने तीन-तीन बार यहां से लोकसभा चुनाव जीते हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से प्रदेश की सबसे बड़ी इस सीट से जयराम ठाकुर, वीरभद्र सिंह, पंडित सुखराम, प्रतिभा सिंह, महेश्वर      सिंह और कौल सिंह ठाकुर को हार का मुंह भी   देखना पड़ा है।

विज्ञापन


देश की राजनीति में मंडी संसदीय सीट का बहुत अधिक महत्व रहा है। यहां से जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी राजकुमारी अमृत कौर, वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम केंद्र सरकार में स्वास्थ्य, उद्योग, स्टील और दूरसंचार मंत्री का कार्यभार संभाल चुके हैं। मंडी संसदीय सीट पर राजघरानों से जीत दर्ज करने वालों में राजकुमारी अमृतकौर, राजा जोंगेंद्र सेन बहादुर, ललित सेन, वीरभद्र सिंह, महेश्वर सिंह और प्रतिभा सिंह शामिल हैं। राजकुमारी अमृत कौर कपूरथला के राजा की पुत्री थीं। ललित सेन के पिता सुकेत के राजा थे। जोगेंद्र सेन बहादुर मंडी रियासत के राजा थे। \
विज्ञापन


वीरभद्र सिंह रामपुर बुशहर के राजा थे। प्रतिभा सिंह इनकी पत्नी हैं। कुल्लू राजघराने से जुड़े महेश्वर सिंह भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार हैं। इस सीट पर हर लोकसभा चुनाव में रोचक मुकाबला देखने को मिलता है। 2021 में हुए उपचुनाव के दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने यहां जीत दर्ज की। वर्ष 2019 के आम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप ने यहां से सबसे अधिक अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा को हराया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंडी सीट में आते हैं छह जिलों के 17 विस क्षेत्र
प्रदेश के छह जिलों मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला और चंबा के 17 विधानसभा क्षेत्र मंडी संसदीय सीट के तहत आते हैं। इसमें धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर मंडी जिले के शेष नौ विधानसभा क्षेत्र, कुल्लू के सभी चार विस क्षेत्र, किन्नौर, लाहौल-स्पीति सहित शिमला जिला का रामपुर और चंबा का भरमौर विधानसभा क्षेत्र शामिल है। वर्तमान में इन 17 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में भाजपा के और चार में कांग्रेस के विधायक हैं। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर को अयोग्य घोषित किया गया है। रवि ठाकुर ने अयोग्य घोषित करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है।

किस पार्टी से कौन रहा सांसद
वर्ष           सांसद             पार्टी
1952       गोपी राम         कांग्रेस
1952      अमृत कौर       कांग्रेस
1957      जोगेंद्र सेन बहादुर     कांग्रेस
1962     ललित सेन        कांग्रेस
1967    ललित सेन          कांग्रेस
1971     वीरभद्र सिंह     कांग्रेस
1977    गंगा सिंह         जनता पार्टी
1980     वीरभद्र सिंह     कांग्रेस
1984    सुखराम           कांग्रेस
1989     महेश्वर सिंह     भाजपा
1991    सुखराम          कांग्रेस
1996    सुखराम          कांग्रेस
1998    महेश्वर सिंह      भाजपा
1999    महेश्वर सिंह      भाजपा
2004    प्रतिभा सिंह       कांग्रेस
2009    वीरभद्र सिंह     कांग्रेस
2013    प्रतिभा सिंह        कांग्रेस
2014    रामस्वरुप शर्मा     भाजपा
2019    रामस्वरुप शर्मा     भाजपा
2021    प्रतिभा सिंह       कांग्रेस

किस चुनाव में किस दल को कितने मिले वोट
वर्ष           भाजपा    कांग्रेस            
2021    356884      365650
2019     647189    241730
2014     362824    322968
2013     216765     353492
2009     326976    340973
वर्ष        भाजपा         कांग्रेस  
2004     291057    357623
1999     325929    194904
1998     304210    172378
1996     174963    328186
1991     209753     233380

मंडी संसदीय क्षेत्र ने दी देश को पहली स्वास्थ्य मंत्री
वर्ष 1952 में मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने वाली राजकुमारी अमृत कौर आहलुवालिया स्वतंत्र भारत की पहली स्वास्थ्य मंत्री थीं। वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा सामाजिक कार्यकर्ता थीं। महात्मा गांधी की अनुयायी और कई वर्ष तक उनकी सचिव रहीं। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कौर ने नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। 1956 में एम्स की स्थापना के लिए लोकसभा में विधेयक पेश किया। एम्स की स्थापना के लिए धन जुटाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई। बता दें कि 1952 में मंडी सीट एक आैर सांसद दो चुने गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed