मंडी उपचुनाव: किन्नौर और चंबा की पांच पंचायतों के ग्रामीणों नहीं डालेंगे वोट, किया बहिष्कार
रारंग पंचायत प्रधान राजेंद्र नेगी ने कहा कि प्रस्तावित जंगी ठोपन पोवारी परियोजना का निर्माण रद्द करने को लेकर 2008 से बार-बार सरकार से मांग कर रहे हैं। किसी भी सरकार ने बात नहीं सुनी। इस कारण उपचुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में प्रस्तावित जंगी ठोपन पोवारी परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर मंडी लोकसभा उपचुनाव में शनिवार को जिले की रारंग पंचायत के 1080 मतदाता वोट नहीं डालेंगे। पंचायत प्रधान राजेंद्र नेगी ने कहा कि प्रस्तावित जंगी ठोपन पोवारी परियोजना का निर्माण रद्द करने को लेकर 2008 से बार-बार सरकार से मांग कर रहे हैं। किसी भी सरकार ने बात नहीं सुनी। इस कारण उपचुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। मंडी उपचुनाव के चलते किन्नौर पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रस्तावित प्रोजेक्ट का ग्रामीणों के साथ बैठकर हल करने का विश्वास दिलाया था।प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने भी ग्रामीणों का साथ देने की बात कही थी। रारंग पंचायत में 3 मतदान केंद्र हैं। मतदान केंद्र 40 में 851, मतदान केंद्र 41 शिलापुर ठोपन में 100 और 42 मतदान केंद्र में 139 मतदाता हैं। उधर, जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्व देवगन ने कहा कि रारंग पंचायत के मतदान के बहिष्कार का कोई पत्र नहीं मिला है। समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने रारंग गांव में एडीएम पूह अश्वनी कुमार को भेजा था, लेकिन ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने की मांग दोहराई। रारंग पंचायत के लिए मतदान पार्टियां रवाना कर दी गई हैं।
वहीं, जंगी और आकपा पंचायत के ग्रामीणों ने भी उपचुनाव के बहिष्कार का फैसला लिया है। शुक्रवार ने ग्रामीणों ने एकमत होकर यह निर्णय लिया। इन पंचायतों के ग्रामीण भी जिले में हो रही परियोजनाओं के निर्माण के विरोध में खड़े हुए हैं। गौर हो किन्नौर जिले में हो रहे अधिकाधिक परियोजनाओं के निर्माण को लेकर ग्रामीणों की आवाज लगातार बुलंद होती जा रही है। सरकार की ओर से परियोजनाओं के निर्माण पर रोक न लगने के कारण ग्रामीणों में सरकार और परियोजना प्रबंधनों के प्रति रोष व्याप्त है। अब जिले की जंगी पंचायत के 500 से अधिक और आकपा पंचायत के 298 से अधिक मतदाता उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे। जंगी पंचायत प्रधान श्याम गोपाल नेगी और आकपा पंचायत प्रधान शशि कला नेगी ने बताया कि ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से 30 अक्तूबर को होने वाले मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
सड़क न बनने से खफा ग्रामीण नहीं करेंगे मतदान
वहीं, सड़क सुविधा से वंचित करीब एक हजार ग्रामीण मंडी लोकसभा उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे। भाजपा विधायक और जिला प्रशासन के समझाने पर भी ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े हैं। भरमौर विस क्षेत्र के दायरे में आने वाली ग्राम पंचायत किलोड़ के कलमला, लोहग्रां और कुठेहड़ वार्ड आजादी के बाद भी सड़क से नहीं जुड़े हैं। इससे ग्रामीणों में रोष है। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ग्रामीणों ने सड़क बनाने के नाम पर ही वोट डाले थे, लेकिन केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बावजूद पंचायत के वार्ड आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाए। ऐसा नहीं है कि ग्रामीणों ने कभी सरकार के नुमाइंदों को अवगत न करवाया हो, लेकिन ग्रामीण भाजपा विधायक और प्रशासन से कई बार सड़क बनाने की मांग कर चुके हैं। उनकी मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने अब फैसला लिया है कि लोकसभा उपचुनाव में मतदान नहीं करेंगे। एडीएम भरमौर संजय कुमार धीमान ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि से बात कर लोगों को मतदान के लिए समझाने की बात कही गई है। कहा कि लोगों का ऐन मौके पर मतदान से पीछे हटना गलत है। ग्रामीणों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।