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बॉर्डर पर रसद पहुंचाने के लिए सेना ने खोजा नया तरीका, 2020 तक मिलेगी सफलता
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 26 Aug 2016 10:40 AM IST
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 222 किलोमीटर लंबी मनाली-लेह सड़क को डबल लेन किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद सीमा सड़क संगठन ने मार्ग के विस्तारीकरण की कवायद शुरू कर दी है। बीआरओ ने इस मार्ग को वर्ष 2020 तक डबल लेन करने का लक्ष्य रखा है। इस मार्ग को अधिकतर समय तक खुला रखने के लिए चंद्र और भागा नदी के संगम स्थल तांदी से कालीसर तक 14 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जाएगा।
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इससे मनाली की लेह लद्दाख से दूरी 50 किलोमीटर कम हो जाएगी। टलन बनाने के लिए बीआरओ ने कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिया है। साल भर में मात्र छह माह तक खुले रहने वाले मनाली-लेह मार्ग में अब जल्द ही जाम से निजात मिलेगी। मार्ग डबल लेन होने से राशन और रसद से लदे सेना के वाहन भी तुरंत बॉर्डर तक पहुंच सकेंगे।
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सैलानियों और आम लोगों को भी घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। तांदी से कालीसर तक टनल बनने से एक बड़ा दुर्गम क्षेत्र कट जाएगा और लेह तक आसानी से पहुंच सकेंगे। टलन बनने से लेह जाने के लिए तांदी, केलांग, सिगरी, जस्पा और जिनजिनवार नहीं जाना पड़ेगा।
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मनाली-लेह रोड डबल लेन किया जाना है। यह सड़क सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। चार सालों में इस सड़क को चौड़ा किया जाएगा। टनल का निर्माण भी होगा। बीआरओ ने अपना सारा ध्यान इस मार्ग पर केंद्रित कर दिया है। -मोहन लाल, मुख्य अभियंता (वीएसएम), सीमा सड़क संगठन