सैलानियों के लिए बड़ी राहत, आठ महीने बाद देश का सबसे ऊंचा मनाली-लेह मार्ग बहाल
आठ महीने बाद देश में सबसे ऊंचाई से गुजरने वाला मनाली-लेह सामरिक मार्ग बहाल हो गया है। 483 किलोमीटर लंबे इस सामरिक मार्ग से बर्फ हटाने में बीआरओ को करीब चार माह का समय लग गया।
सोमवार को दोपहर बाद लेह से तीन निजी वाहन केलांग पहुंचे, जबकि सेना के वाहन भी लेह से मनाली की तरफ रवाना हो गए हैं, जो दालंग स्थित ट्राजिंग कैंप पहुंचेंगे। मनाली-लेह सड़क खुलने के इंतजार में हजारों पर्यटक वाहन मनाली और केलांग में रुके हुए हैं।
सड़क बहाल होने के बाद लाहौल और लेह में पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी। पिछले साल 23 मई को मनाली-लेह मार्ग पर एचआरटीसी की बस सेवा शुरू हो गई थी। इस बार मनाली-लेह मार्ग करीब डेढ़ महीना देरी से बहाल हुआ है।
रसद की आपूर्ति इसी मार्ग से अक्तूबर तक जारी रहेगी
मनाली-लेह मार्ग देरी से बहाल होने के कारण लाहौल व लेह के पर्यटन कारोबारियों को घाटा उठाना पड़ा है। देश-विदेश के कई पर्यटकों ने अपनी बुकिंग कैंसल की। इसके बावजूद मनाली-लेह मार्ग बहाल होने से लाहौल व लेह के पर्यटन कारोबारियों को बेहतर पर्यटन सीजन होने की उम्मीद है।
मनाली-लेह मार्ग खुलने से अब रसद की आपूर्ति इसी मार्ग से अक्तूबर तक जारी रहेगी। दूसरी ओर अब इस लंबे रूट पर हिमाचल पथ परिवहन निगम लंबे रूट पर बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। बीआरओ की ओर से हरी झंडी मिलते ही निगम की ओर से दिल्ली-लेह रूट पर बस सेवा शुरू कर दी जाएगी।
सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल उमाशंकर ने मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर वाहनों आवाजाही शुरू होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को लाहौल छोर से लेह की तरफ सेना और पर्यटक वाहनों को छोड़ा जाएगा।