{"_id":"39ba782cba0afb56d68dd44350f8d341","slug":"manali-leh-road-is-now-clear-by-bro-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनाली लेह सड़कः दूर हुई सेना की परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनाली लेह सड़कः दूर हुई सेना की परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
Updated Mon, 06 Oct 2014 03:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय सेना की लाइफ लाइन माने जाने वाली मनाली-लेह सड़कमार्ग में अड़चन बनने वाले कोकसर पुल को बीआरओ ने चकाचक कर दिया है। पहले कोकसर में चंद्रा नदी पर बने बैली ब्रिज की हालात काफी नाजुक हो गई थी।
विज्ञापन
अब पुल में लोहे के शीटों को बदलने से भारतीय सेना के साथ आलू, मटर व अन्य सब्जियों से लदकर आवाजाही करने वाले वाहन चालकों की मुश्किले भी कम हो गई हैं। सेना की कानवाई इस पुल सें दनादन दौड़ने लगी है।
विज्ञापन
रोहतांग लांघते ही लेह के साथ लाहौल की ओर आने वाले वाहन चालक पहले भारी समान से लदकर कोकसर पुल के हालातों से परेशान हो रहे थे। अब सीमा सड़क संगठन ने इस पुल के खस्ताहाल हो चुके लोहे के शीटों को बदल कर पुन चकाचक कर दिया है।
विज्ञापन
कारगिल युद्घ में आई थी काम
वैसे भी मनाली-लेह मार्ग सेना का लाइफलाइन मानी जाती है। 1999 में कारगिल युद्ध के बाद इस वर्ष बाढ़ से श्रीनगर-लेह मार्ग बंद रहने से यही मार्ग देश के सुरक्षा को काम आ गया था। यह मार्ग अपनी कई बार महता दर्ज करा चुकी है।
बीआरओ 70 आरसीसी के ओसी एस के एंथोनी ने बताया कि पुल पर लगी शीटों की हालात नाजुक होने के कारण इन्हें बदला जाना बेहद जरूरी हो गया था। उन्होंने बताया कि श्रीनगर-लेह मार्ग बंद होने के बीच मनाली-लेह मार्ग पर टैफिक समान्य से कई गुणा बढ़ गया था।
अब बीआरओ ने इस पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए दुरूस्त कर दिया है। घाटी वासियों ने बीआरओ के तत्काल पुल के मरम्मत को अंजाम देने के लिए सीमा सड़क संगठन के अधिकारयों व कर्मचारियों के कार्यो की सराहनीय प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी है।