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मकर संक्रांति: हिमाचल में होंगे पवित्र स्नान, भंडारों पर रोक

Thu, 13 Jan 2022 10:05 PM IST
Krishan Singh संवाद/ब्यूरो, करसोग/ददाहू/शिमला
संवाद/ब्यूरो, करसोग/ददाहू/शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 13 Jan 2022 10:05 PM IST
सार

हरिद्वार में गंगा स्नान पर पाबंदी लगाई हो लेकिन हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान होंगे। करसोग के तत्तापानी में जिला स्तरीय मेला इस बार भी कोरोना की भेंट चढ़ गया है। 

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Makar Sankranti: There will be a holy bath in Himachal, ban on bhandaras
मकर संक्रांति(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भले ही हरिद्वार में गंगा स्नान पर पाबंदी लगाई हो लेकिन हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान होंगे। यहां गर्म पानी के चश्मों और तीर्थ स्थलों में नहाने पर कोई रोक-टोक नहीं है। हालांकि, श्रद्धालुओं को मास्क पहनकर ही मंदिरों में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का भी श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर पालन करना होगा। सरकार और प्रशासन के केवल कोविड प्रोटोकाल फालो करने के आदेश दिए हैं, सख्ती नहीं होगी। बता दें कि मकर संक्रांति पर प्रदेश में हजारों लोग गर्म पानी के चश्मों और तीर्थ स्थलों में नहाने के लिए उमड़ते हैं। 

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करसोग के तत्तापानी में जिला स्तरीय मेला इस बार भी कोरोना की भेंट चढ़ गया है। लगातार दूसरी बार यह मेला आयोजित नहीं होगा। मेले में पकने वाली खिचड़ी भी इस बार नहीं पक सकेगी। 2019 में यहां पर 1995 किलोग्राम खिचड़ी बनाने का विश्व रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था। हालांकि प्रशासन द्वारा स्नान और तुलादान करने वालों को राहत दी है, मगर यह भी कोरोना नियमों के साथ और 50 प्रतिशत शर्त के अनुसार ही होगा।
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एसडीएम करसोग सनी शर्मा ने बताया कि कोविड संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक व खुले स्थानों पर 50 प्रतिशत के साथ उचित दूरी की शर्त को देखते हुए तत्तापानी मकर संक्रांति मेले के आयोजन को रद्द किया गया है। लेकिन लोगों की आस्था को देखते हुए यहां पर स्नान और तुलादान करने के लिए अनुमति दी गई है। वहीं, सिरमौर के रेणुकाजी तीर्थ में किसी भी श्रद्धालु को मंदिरों की मूर्तियों को छूने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, पवित्र रेणुका झील में शाही स्नान करने पर किसी तरह की कोई बंदिश नहीं होगी। मंदिरों में भी किसी प्रकार के हवन-यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान व भंडारे आदि का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।

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राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति पर दीं शुभकामनाएं

शिमला। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में राज्यपाल ने कहा कि यह त्योहार सर्दियों के अंत और फसल कटाई के मौसम का द्योतक है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इस त्यौहार का ऋतु के अनुसार और धार्मिक महत्व भी है। इस दिवस को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और वर्ष का यह अति शुभ दिन माना गया है। इस दिवस से उत्तरायण का प्रारंभ भी माना गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाएगा।

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