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Himachal: हादसे में खो दिए बाजू, रजत ने पैरों की अंगुलियों से लिख दी तकदीर, पास की जेओएआईटी परीक्षा

Mon, 24 Feb 2025 11:05 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Mon, 24 Feb 2025 11:05 AM IST
सार

रजत ने एक हादसे में अपने दोनों बाजू गंवा दिए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पैरों की अंगुलियों से अपनी तकदीर लिख डाली। 

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Lost his arms in an accident, Rajat kumar wrote his destiny with his toes, passed the JOAIT exam
रजत कुमार। - फोटो : संवाद

विस्तार

चुनौतियां सबके सामने आती हैं लेकिन उनसे वही जीत पाता है, जो इनका डटकर मुकाबला करता है। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सुंदरनगर के गांव रडू के रजत कुमार ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। रजत ने एक हादसे में अपने दोनों बाजू गंवा दिए थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पैरों की अंगुलियों से अपनी तकदीर लिख डाली। पैरों की अंगुलियों को हाथ बनाकर कड़ी मेहनत की और अब सुंदरनगर डिवीजन के लोक निर्माण विभाग में बतौर जेओए आईटी तैनात हुए हैं।

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खेलते समय रजत करंट से झुलस गए थे
रजत ने दिव्यांगता श्रेणी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी की परीक्षा दी थी। इसमें वे उत्तीर्ण हुए हैं। महज सात साल की उम्र में हाइटेंशन विद्युत लाइन के पास खेलते समय रजत करंट से झुलस गए थे। दोनों बाजू काटनी पड़ीं। माता दिनेश कुमारी और पिता जयराम ने हिम्मत बढ़ाई तो रजत को विपरीत परिस्थितियों में ऊपर उठने की ताकत मिली। अभिभावक बताते हैं कि रजत ने बाजू खोने के बाद पहले डॉक्टर बनने के लिए नीट दिया।

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डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल कॉलेज में सीट भी मिली
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में सीट भी मिल गई लेकिन मेडिकल बोर्ड ने उन्हें शारीरिक अक्षमता की वजह से यह कहकर डॉक्टर बनने से रोक दिया कि आपके बाजू नहीं हैं। रजत ने मनोविज्ञान विषय में मास्टर डिग्री भी ले ली। मेहनत और लगन ने अब रजत को सरकारी नौकरी भी मिल गई। रजत प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। बिना हाथों से भी सुंदर लिखने की कला और मुंह से चित्रकला में माहिर रजत अपने पैरों की अंगुलियों से लैपटॉप पर पूरा काम सामान्य कर्मचारी की तरह करते हैं।

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गिरिपार की मनीषा पुंडीर, किरण पास की जेआरएफ परीक्षा
उधर, सिरमौर की कमरऊ तहसील के दुगाना गांव की मनीषा ने 99.90 परसेंटाइल और आंजभोज के सुनोग की किरण ने 99.77 परसेंटाइल हासिल कर जेआरएफ क्वालीफाई किया है। मनीषा पुंडीर पुत्री हाकम सिंह, सन्नी देवी ने स्नातक की पढ़ाई महाविद्यालय कफोटा कॉलेज से की है। स्नाकोत्तर हिंदी की पढ़ाई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से 2021 मे पूरी हुई। नेट 2022 में पास किया। अब सामान्य वर्ग से जेआरफ की परीक्षा पास की है। इधर, किरण चौहान पुत्री तोता राम ने भी जेआरएफ परीक्षा पास की है। किरण ने सुनोग से प्रारंभिक शिक्षा, बनौर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से जमा दो और भरली कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की है। हिंदी विषय में एमए पूरी करने के बाद यूजीसी नेट की तैयारी की। केंद्रीय हाटी समिति महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री, अतर सिंह नेगी, सुरेंद्र हिंदुस्तानी, कुलदीप राणा ने दोनों बेटियों को बधाई दी। 

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