Lok Sabha Election: पोस्टल बैलेट क्लीयरिंग सेंटर स्थापित कर देश के लिए मिसाल बना हिमाचल
राज्य निर्वाचन विभाग ने चुनावों में पहली बार पोस्टल बैलेट क्लीयरिंग सेंटर स्थापित कर 20,000 मतदान कर्मियों की वोटिंग करवाई।
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लोकसभा चुनावों में मतदान कर्मियों के लिए वोट डालने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाकर हिमाचल पूरे देश के लिए मिसाल बना है। राज्य निर्वाचन विभाग ने चुनावों में पहली बार पोस्टल बैलेट क्लीयरिंग सेंटर स्थापित कर 20,000 मतदान कर्मियों की वोटिंग करवाई। हिमाचल के अलावा राजस्थान में यह प्रक्रिया लागू की गई। उत्तर भारत में हिमाचल व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य बना। अब तक चुनाव कर्मियों को मतदान के लिए पोस्टल बैलेट उपलब्ध करवाए जाते थे, वोट डालने के बाद मतदान कर्मी स्पीड पोस्ट के माध्यम से पोस्टल बैलेट वापस भेजते हैं। इस प्रक्रिया में जहां समय अधिक लगता था वहीं बैलेट पेपर खराब होने से वोट अवैध भी हो जाते थे। निर्वाचन विभाग ने ईमेल के जरिये पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन मंगवाए। शिमला में क्लीयरिंग सेंटर स्थापित कर पोस्टल बैलेट का आदान-प्रदान किया। कर्मियों के सुविधा केंद्र पर वोट डलवाए।
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कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स में संशोधन के बाद चुनाव कर्मियों के वोट प्रशिक्षण केंद्रों अथवा सुविधा केंद्रों में ही डलवाने की व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था लागू होने से पोस्ट के माध्यम से पोस्टल बैलेट के देरी से पहुंचने की समस्या खत्म हो गई। पोल डे मानिटरिंग सिस्टम 2.0 भी प्रभावी तौर पर लागू किया गया। - मनीष गर्ग, राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी