सुखराम परिवार की हिविकां से कांग्रेस-भाजपा के कई नेताओं ने लड़ा था चुनाव
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कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस में पलटी मारने वाले सुखराम परिवार की हिमाचल विकास कांग्रेस (हिविकां) में कांग्रेस और भाजपा के कई बड़े नेता भाग्य आजमा कर कामयाब हुए हैं। इनमें से जहां कुछ वर्तमान जयराम सरकार के मंत्री हैं, तो कुछ तत्कालीन वीरभद्र सरकार के मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे हैं।
1999 में सोलन के विधायक और वर्तमान शिमला संसदीय सीट के प्रत्याशी धनी राम शांडिल ने हिमाचल विकास कांग्रेस से चुनाव लड़ा और जीते। वर्ष 1998 के विस चुनावों में पांच दिग्गज नेताओं ने हिविकां से चुनाव लड़ा और तीन को मंत्री पद मिला। 1998 के विधानसभा चुनावों में महेंद्र सिंह ठाकुर ने धर्मपुर विस से चुनाव लड़ा था। जीतकर वह भाजपा और हिविकां गठबंधन सरकार में लोक निर्माण मंत्री बने।
इन्हीं चुनावों में बल्ह के कांग्रेस नेता व वीरभद्र सरकार के पूर्व आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने चुनाव जीता था और वह पशुपालन मंत्री बने थे। करसोग से कांग्रेस नेता मनसा राम ने खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री का पद हासिल किया था।
द्रंग से जवाहर ठाकुर और नाचन से दामोदर चौहान इन चुनावों में हार गए थे, लेकिन इन्होंने वोट प्राप्त करने में दूसरा स्थान हासिल किया था। पंडित सुखराम के नेतृत्व में कृषि मंत्री रामलाल मार्कंडा ने भी 1998 का विधानसभा चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
कांग्रेस के हाथ से फिसली थी सत्ता
कांग्रेस के राज में केंद्रीय मंत्री रहते पंडित सुखराम दूर संचार घोटाले में घिरे और पार्टी से निष्कासित होकर अलग हिविकां का गठन किया। 1998 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस बराबरी पर थे। लेकिन सुखराम की हिविकां ने भाजपा को समर्थन दिया और प्रदेश में महज एक सीट से वीरभद्र को शिकस्त मिली। प्रदेश में भाजपा सरकार बनी।