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हिमाचल में तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त, एक बार फिर भाजपा को चार की चार

Fri, 24 May 2019 07:34 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 24 May 2019 07:34 AM IST
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Lok Sabha Election 2019 Results BJP Wins all four seats in himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड सुनामी के बीच भाजपा ने हिमाचल में जीत के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। जनता ने छप्पर फाड़ समर्थन देते हुए एक बार फिर प्रदेश की सभी चारों लोकसभा सीटें पीएम मोदी की झोली में डाल दी हैं। रिकॉर्ड जीत दर्ज करते हुए भाजपा ने लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप किया है। मोदी की आंधी में उड़ी कांग्रेस चारों खाने चित हो गई।

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कांगड़ा से किशन कपूर, शिमला से सुरेश कश्यप, मंडी से फिर रामस्वरूप शर्मा और हमीरपुर से लगातार चौथी बार अनुराग ठाकुर ने जीत दर्ज की है। आम चुनाव में मोदी मैजिक का आलम यह रहा कि करीब 4 लाख 77 हजार 623 मतों के अंतर से कांगड़ा से प्रत्याशी किशन कपूर ने अब तक की सबसे बड़ी रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। किशन कपूर को 7,25,218 जबकि हारे प्रत्याशी पवन काजल को 2,47,595 वोट मिले। मंडी से रामस्वरूप शर्मा को 6,47,189 मत और उनके प्रतिद्वंद्वी आश्रय को 2,41730 मत मिले।
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हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर 682692 और उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के रामलाल को 283120 वोट पड़े। शिमला से सुरेश कश्यप को 6,06,183 मत मिले, जबकि धनीराम शांडिल को 2,78,668 मत मिले। हिमाचल के इतिहास में अब तक की चारों संसदीय सीटों पर सबसे बड़ी जीत है।

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Lok Sabha Election 2019 Results BJP Wins all four seats in himachal pradesh

वर्ष 2014 में भी मोदी लहर में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर चारों सीटें जीती थीं। उस वक्त कांगड़ा से भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार की 1,70,072 की सर्वाधिक लीड थी। लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 45 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा प्रत्याशियों से बुरी तरह हारे कांग्रेस उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी अन्य दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए।

लोकसभा चुनाव में पहली बार सूबे के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने बढ़त हासिल की। मोदी के आंधी में कांग्रेस के दिग्गज नेता भी अपने गढ़ नहीं बचा पाए। हिमाचल में भाजपा के प्रत्याशियों को कुल मतों के करीब 70 फीसदी वोट पड़े। यह भी नया रिकॉर्ड बना है। चुनाव नतीजों से ऐसा लगता है कि प्रदेश की जनता ने मोदी को एकतरफा जीत दिलाने की मन में ठान रखी थी। 

इंदिरा की हत्या के बाद 1984 में बना था जीत का एक लाख से ज्यादा का अंतर 
1967 में चौथी लोकसभा से लेकर अब तक के चुनाव में सिर्फ एक बार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए 1984 के आम चुनाव में कांग्रेस के चारों लोकसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों ने एक लाख से ज्यादा का मार्जिन हासिल किया था। हालांकि उस चुनाव में भी कोई प्रत्याशी दो लाख का आंकड़ा नहीं छू सका था।

1984 में सबसे भारी अंतर से जीत हासिल करने वाले शिमला से कांग्रेस प्रत्याशी कृष्ण दत्त सुल्तानपुरी का मार्जिन 1 लाख 96 हजार 291 था। मंडी से सुखराम का मार्जिन 1 लाख 31 हजार 651, कांगड़ा से चंद्रेश कुमारी का 1 लाख 17 हजार 433 और हमीरपुर से प्रत्याशी नारायण चंद 1 लाख 24 हजार 933 के मार्जिन से जीते थे। 

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