दादा-पोते के शक्ति प्रदर्शन से कांग्रेस के बड़े चेहरे गायब, अनिल शर्मा भी रहे दूर
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भाजपा से टिकट न मिलने के बाद मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस का टिकट हासिल करके मंगलवार को पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा मंडी पहुंचे। कांग्रेस के बड़े चेहरों की गैर मौजूदगी में दादा-पोते ने सलापड़ से मंडी तक रोड शो निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया।
गाड़ियों के काफिले के बीच ओपन जीप में सवार होकर आश्रय और सुखराम ने चुनावी हुंकार भरी। इस सब के बीच भाजपा के कैबिनेट मंत्री और आश्रय के पिता अनिल शर्मा भी स्वागत कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बने।
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, विक्रमादित्य, कौल सिंह, रंगीला राम राव जैसे बड़े चेहरों के अलावा कुछ स्थानीय नेता भी कार्यक्रम से नदारद रहे। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे काफिला कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन पहुंचा और आश्रय कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए।
भाजपा के झूठे वायदों, जुमलेबाजी से मुकाबला
इनकी जुगलबंदी से मंडी सहित प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेगी और भाजपा को करारा जवाब देगी। उनका मुकाबला मुख्यमंत्री जयराम से नहीं बल्कि भाजपा के झूठे वायदों, जुमलेबाजी और वादाखिलाफी से है।
वीरभद्र और विक्रमादित्य भी करेंगे आश्रय के लिए प्रचार : सुखराम
पूर्व संचार मंत्री पंडित सुखराम शर्मा का कहना है कि उनके पौत्र आश्रय शर्मा को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पूरा आशीर्वाद है। उनका बेटा एवं शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक विक्रमादित्य सिंह भी आश्रय शर्मा के चुनाव प्रचार के लिए मंडी संसदीय क्षेत्र में आएंगे।
हिमाचल की जनता भाजपा की नीतियों से तंग आ चुकी है। जनता ने इस बार केंद्र में कांग्रेस सरकार बनाने का मन बना लिया है। हिमाचल की चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस पार्टी रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करेगी।