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धर्मसंकट में फंसे अनिल शर्मा ने मंत्री पद नहीं, पुत्र मोह को चुना

Sat, 13 Apr 2019 01:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी
अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 13 Apr 2019 01:08 PM IST
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lok sabha election 2019 anil sharma resignation side story
अनिल शर्मा - फोटो : अमर उजाला

धर्मसंकट में फंसे अनिल शर्मा ने आखिरकार मंत्री पद के बजाय पुत्र को चुना है। आश्रय और पंडित सुखराम के कांग्रेस ज्वाइन करने के 19 दिन बाद उन्होंने ऊर्जा मंत्री का पद त्याग दिया है। सीएम जयराम ठाकुर के गृह संसदीय क्षेत्र से पुत्र को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद पिता अनिल शर्मा विकट दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ भाजपा में होते हुए अपने बेटे के प्रचार करने की बंदिशें हैं और तो दूसरी तरफ नैतिकता के आधार पर इस्तीफे का दबाव था। अब अनिल इस्तीफा देकर इस दबाव से कुछ हल्के हो गए हैं। 

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बेटे के प्रचार के लिए चुनावी मैदान में उतरकर भाजपा की बंदिशें कब तोड़तें है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि उनकी पत्नी भी बेटे के लिए कांग्रेस की रैलियों का हिस्सा बनती नजर आ रही हैं। चर्चा है कि ग्लैमर की दुनिया में कदम रखने वाले छोटे भाई आयुष भी इस पक्ष में हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 25 को आश्रय शर्मा के नामांकन के दिन या उसके बाद अनिल शर्मा खुलकर मंडी सदर में अपने बेटे के लिए प्रचार कर सकते हैं। हालांकि, वे भाजपा छोड़ने से इंकार कर चुके हैं। 
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सलमान खान का इंकार, उनका परिवार प्रचार को तैयार
सुखराम परिवार को बालीवुड के ग्लैमर का भी साथ है। उनकी बहू अर्पिता सलमान की बहन है। हालांकि, सलमान खान प्रचार से इंकार कर चुके हैं लेकिन उनका परिवार चुनावी समर में उतरने को तैयार है। ग्लैमर से लुभाकर आश्रय युवा वोटरों पर सेंध लगा सकते हैं। 

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कब क्या क्या हुआ: 2017 के विस चुनावों से लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव

15 अक्तूबर 2017- विधानसभा चुनावों से वीरभद्र सिंह की आया राम गया राम की टिप्पणी के बाद सुखराम परिवार पहली बार भाजपा में शामिल हुआ।  मंडी विस से भाजपा को रिकार्ड 10-0 से जीत मिली और मंडी से पहली बार जयराम ठाकुर के रूप में मुख्यमंत्री मिला।

25 मार्च 2019- सुखराम परिवार की कांग्रेस में घर वापसी हुई। आश्रय शर्मा ने दिल्ली में राहुल गांधी के समक्ष अपने दादा पंडित सुखराम के सामने कांग्रेस ज्वाइन की। इसी दिन अनिल शर्मा ने खुद को धर्मसकंट में बताते हुए बेटे के खिलाफ प्रचार करने से मना कर दिया। वहीं बेटे का प्रचार करने से भी इंकार किया।

29 मार्च 2019- कांग्रेस आलाकमान ने आश्रय को टिकट देकर हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर के गृह संसदीय क्षेत्र मंडी से दाव खेला। 

02 अप्रैल 2019- कांग्रेस का टिकट लेकर आश्रय शर्मा अपने दादा सुखराम के साथ मंडी पहुंचे और शक्ति प्रदर्शन किया। इस प्रोग्राम समेत अन्य सभी दौरों से अनिल शर्मा ने दूरी बनाए रखी। 

12 अप्रैल 2019- खुद को धर्मसंकट में बताकर अनिल शर्मा ने भाजपा और सीएम पर शब्दों की सर्जिकल स्ट्राइक जारी रखी। बाद में पुत्र मोह को चुनते हुए उन्होंने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया।

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