लोकसभा चुनाव 2019: आश्रय की मां, रामस्वरूप की पत्नी ने संभाला चुनावी मोर्चा
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लोकसभा चुनावों में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला जल्द होने वाला है। 19 को मतदान से पहले प्रचार चरम पर है। हॉट सीट मंडी में चुनावी समर में रिश्तों की भी कड़ी अग्निपरीक्षा है। तमाम सियासी उलटफेर के बाद सुखराम परिवार का भाजपा विधायक बेटा अनिल शर्मा जहां कांग्रेस प्रत्याशी बेटे के प्रचार से दूरी बनाए हुए है, वहीं आश्रय की मां और अनिल की पत्नी अपने बेटे की जीत के लिए डोर टू डोर प्रचार में कूद पड़ी हैं।
आश्रय की मां सुनीता शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी और मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा के गृह क्षेत्र में प्रचार करके कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील की। वहीं, भाजपा प्रत्याशी सांसद रामस्वरूप की पत्नी चंपा शर्मा भी जोगिंद्रनगर में सक्रिय दिखीं। उन्होंने रोपड़ी, जोल, लदरुंही, द्रंग, उरना, ग्वाली में अपने पति रामस्वरूप शर्मा के लिए वोट मांगे।
गौरतलब है कि डेढ़ साल पहले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले तत्कालीन कांग्रेस के मंत्री अनिल शर्मा अपने पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम और बेटे आश्रय शर्मा के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। उन्हें मंत्री पद भी मिला। लेकिन बेटे को भाजपा से मंडी संसदीय सीट के लिए टिकट नहीं मिल सका। इसी बीच आश्रय अपने दादा पंडित सुखराम के साथ कांग्रेस में शामिल हुए और कांग्रेस के प्रत्याशी का टिकट ले आए।
सीएम जयराम ठाकुर के गृह जिला में तमाम उठापटक के बाद अनिल ने कैबिनेट मंत्री का पद त्याग दिया, लेकिन सदस्यता नहीं त्यागी। लिहाजा भाजपा विधायक होने के नाते वह कांग्रेस प्रत्याशी बेटे का प्रचार तो नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन उनकी धर्मपत्नी और बहू राधिका गंभीर पूरी तरह से चुनावी प्रचार में कूद चुकी हैं।