भाजपा को ज्यादा लीड दिलाने में पिछड़े हिमाचल सरकार के दो कैबिनेट मंत्री
देश भर में चली मोदी सुनामी के बावजूद हिमाचल सरकार के दो कैबिनेट मंत्री रामलाल मारकंडा और सुरेश भारद्वाज अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को लीड दिलाने में दूसरे मंत्रियों के मुकाबले पिछड़ गए।
कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा की मंत्रियों में सबसे कम परफार्मेंस रही है। मंडी संसदीय सीट के तहत लाहौल स्पीति विधानसभा क्षेत्र के तहत भाजपा को मिले मतों का अंतर सबसे कम 3962 ही रहा। इसी तरह शिमला शहरी सीट से शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज सिर्फ 10,084 मतों की ही लीड दिला सके।
शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने कैबिनेट मंत्रियों में सबसे ज्यादा लीड दिलाई है। कांगड़ा संसदीय सीट के तहत शाहपुर में भाजपा प्रत्याशी को कांग्रेस प्रत्याशी से 36,120 मत अधिक प्राप्त हुए। लीड दिलाने में दूसरे नंबर पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार रहे। सुलह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को 31,460 मतों की लीड मिली।
उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर के जसवां परागपुर से 29,174, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह के धर्मपुर से 27,623, पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर के कुटलैहड़ से 27,227, सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री राजीव सैजल के कसौली से 17,488 और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के मनाली से 16,863 मतों की भाजपा प्रत्याशी को लीड मिली।
कांगड़ा संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी और प्रदेश सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर के गृह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को 18,685 मतों की लीड मिली। उधर, भाजपा के मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा के जुब्बल कोटखाई से भी भाजपा को अपेक्षाकृत अधिक लीड नहीं मिली। यहां कांग्रेस प्रत्याशी के मुकाबले भाजपा प्रत्याशी को मिले मतों का अंतर 9,799 ही रहा।
कैबिनेट में हो सकता है बदलाव
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपनी अधिकांश जनसभाओं में कैबिनेट मंत्रियों की परफार्मेंस को देखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव करने के संकेत दिए हैं। ऐसे में अब चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उम्दा प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों की जहां बांछें खिल गई हैं, वहीं कम लीड देने वाले मंत्रियों की परेशानी बढ़ती दिख रही है।