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चौंकिए मत! लोहड़ी पर यहां एक खून माफ

Tue, 13 Jan 2015 12:27 PM IST
Updated Tue, 13 Jan 2015 12:27 PM IST
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lohri celebration in chamba follow a tradition that nobody knows.

मौसम में बदलाव, उमंग और उत्साह के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले लोहड़ी पर्व का चंबा जिला में अनोखा इतिहास है। यहां इस पर्व को खूनी लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। रियासत काल में यहां पर्व के दौरान मढि़यों के कब्जे को लेकर अगर मारपीट में किसी भी जान भी चली जाए तो राजा की ओर से एक खून माफ होता था।

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सदियों से चली आ रही खूनी लोहड़ी की परंपरा आज भी कायम है। आज भी मढि़यों को लेकर मारपीट होती है, कइयों के सिर फूटते हैं, पुलिस का भी कड़ा पहरा रहता है। हालांकि, वर्षों से जानी नुकसान का कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रसिद्ध इतिहासकार ....कहते हैं कि सदियों से सुराड़ा क्षेत्र को राज मढ़ी (पुरुष) का दर्जा है।
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खूब मारपीट होती है आज भी

lohri celebration in chamba follow a tradition that nobody knows.

क्षेत्र में 13 अन्य मढि़यां (महिला) हैं। मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी की रात हो सुराड़ा क्षेत्र के लोग राज मढ़ी की प्रतीक मशाल को हर मढ़ी में लेकर जाते हैं। 18 से 20 फीट लंबी मशाल को एक के बाद एक मढ़ी में गाड़कर अपना कब्जा दर्शाया जाता है। कब्जा करने को लेकर दोनों क्षेत्रों के लोगों में मारपीट होती है।

इसमें डंडों और धारदार हथियारों से एक दूसरे पर हमला होता है। रियासत काल में इस दौरान अगर मारपीट में किसी भी जान भी चली जाए तो एक खून माफ होता था। प्रसिद्ध इतिहासकार ......का कहना है कि अभी भी इस परंपरा को निभाने के लिए मारपीट होती है, कई लोगों के सिर फटते हैं, लेकिन कोई भी पुलिस में शिकायत नहीं करता।

मान्यता यह कि बुरी शक्तियों का होता है खात्मा

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जनश्रुति के अनुसार मढि़यों में मशाल इसलिए भी घुमाई जाती है ताकि बुरी शक्तियों का खात्मा हो सके । राज मढ़ी के लोग इसे रूप में मानते हैं जबकि महिला मढ़ी वाले इसे कब्जे में रूप में देखते हैं। बुजुर्ग रामदीन का कहना है कि परंपरा के दौरान कुछ असामाजिक तत्व अपनी रंजिश निकालने के लिए भी दूसरों पर हमला कर देते हैं।

इसके चलते परंपरा धीरे-धीरे प्रतीक रूप लेती जा रही है। इनसे निपटने को पुलिस तैनात रहती है। एसपी चंबा डीके चौधरी का कहना है कि इस बार भी लोहड़ी पर्व में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के सभी इंतजाम किए हैं। लोहड़ी पर्व पुलिस की देखरेख में होगा।

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