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हिमाचल: पूरी पंचायत नहीं, अपने वार्ड में ही काम करेंगे मनरेगा श्रमिक
Wed, 22 Apr 2020 05:10 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Apr 2020 05:10 PM IST
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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कर्फ्यू के बीच हिमाचल में मनरेगा के तहत काम शुरू हो गए हैं। लोगों को घर-द्वार रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्थिति साफ की है कि मनरेगा के तहत केवल अपने पंचायत वार्ड में ही काम मिलेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में स्थिति स्पष्ट की है कि मनरेगा का काम करने को पंचायत के संबंधित वार्ड से बाहर नहीं जाना होगा। वार्ड में भी सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा।
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प्रदेश में मनरेगा के करीब 10 लाख कामगार सक्रिय हैं। यह प्रदेश के हर जिले में हैं। लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच इनका काम बंद था। ग्राम सभाओं की इसके लिए मंजूरी जरूरी नहीं होगी। लोगों को ग्राम रोजगार सेवक से संपर्क करना होगा। मनरेगा के तहत अगर कोई काम मांगता है तो ग्राम सेवक और ग्राम पंचायत का कर्तव्य होगा कि उसे मनरेगा एक्ट के तहत निर्धारित अवधि के तहत काम दिलाया जाएगा। राज्य मनरेगा एक्ट के तहत इन दिनों जल संरक्षण के तमाम कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया है। मनरेगा के तहत दिहाड़ी भी 20 रुपये बढ़ा दी गई है। यह 185 से बढ़ाकर 205 रुपये कर दी गई है।
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